तीनों ठगों ने सात दिसंबर 2025 को 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। सौ. पुलिस
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दक्षिणी पश्चिमी जिले की साइबर थाने की पुलिस ने जयपुर से चल रहे डिजिटल अरेस्ट गिरोह के तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने सात दिसंबर 2025 को 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 16 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। मामले की जांच करते हुए साइबर टीम ने तीन साइबर ठगों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है।
आरोपितों में योगेंद्र गुज्जर (मालपुरा, कोटपुतली-राजस्थान) छोटू लाल मीणा (गणेश नगर, प्रताप नगर, जयपुर-राजस्थान) व राकेश मीणा (संगनेर, जयपुर-राजस्थान) शामिल हैं। आरोपित साइबर जालसाजी के कंबोडियाई गिरोह के संपर्क में थे और उसके लिए म्यूल अकाउंट का व्यवस्था करते थे।
दक्षिणी पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि सात दिसंबर 2025 को 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने साइबर थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। इसमें उन्होंने बताया कि उन्हें वाट्सएप पर काल आया। फोन करने वाले ने स्वयं को सीबीआई इंस्पेक्टर बताकर उनके बेटे को एक झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। लगातार वीडियो सर्विलांस पर रखते हुए डराकर दो दिन तक “डिजिटल अरेस्ट” में रखा।
डर और दबाव में आकर उन्होंने जालसाज के बताए अकाउंट में 16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। मामले में साइबर थाने के एसएचओ प्रवेश कौशिक की देखरेख में एसआइ चेतन राणा, हेड कांस्टेबल मनेंद्र एवं विजयपाल की टीम गठित की गई। टेक्निकल सर्विलांस, डिजिटल फुटप्रिंट एनालिसिस, सिम ट्रैकिंग, सोशल मीडिया एनालिसिस और मनी ट्रेल की जांच में पता चला कि जयपुर, राजस्थान से काम करने वाला एक सिंडिकेट ठगी के पैसे को रखने के लिए कोटपुतली, राजस्थान से बैंक अकाउंट खरीद रहा था।
डिटेल फाइनेंशियल एनालिसिस से कोटपुतली से काम करने वाले एजेंट योगेंद्र गुर्जर की पहचान हुई। इस पर राजस्थान के कोटपुतली में छापेमारी कर आरोपित योगेंद्र गुर्जर को टीम ने पकड़ा। उसने बताया कि कम पढ़े लिखे स्थानीय लोगों से म्यूल अकाउंट बनावाए। ये अकाउंट डिटेल सह-आरोपित छोटू लाल मीणा को दिए, जिसने जयपुर से आपरेट कर रहे मुख्य हैंडलर राकेश मीणा को इसे सौंपा।
जानकारी के आधार पर टीम ने राजस्थान के सांगानेर में छापेमारी की। आरोपित राकेश मीणा व छोटू लाल मीणा को सांगानेर के प्रताप नगर स्थित किराए के घर से गिरफ्तार किया गया। आरोपितों के पास से एक लाख रुपये नकद, नौ मोबाइल फोन के साथ ही 10 बैंकों के पासबुक व चेकबुक बरामद किए। आरोपित कंबोडिया में बैठे साइबर जालसाजों के लिए राजस्थान में म्यूल बैंक अकाउंट बनाते और मैनेज करते थे।
मास्टरमाइंड राकेश मीणा ने अपने साथियों छोटू लाल मीणा और योगेंद्र गुर्जर के जरिए कई म्यूल अकाउंट खरीदे। इन अकाउंट को टेलीग्राम और दूसरे आनलाइन प्लेटफार्म के जरिए इंटरनेशनल धोखेबाजों के साथ शेयर किया। ठगी की गई रकम म्यूल अकाउंट में जमा की गई, एटीएम या चेक से निकाली गई और बाद में इंटरनेशनल हैंडलर्स के कहने पर दूसरे अकाउंट में डाली गई, जिससे पैसे का पता नहीं चल पाया।
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