संवाद सहयोगी, सैफई (इटावा)। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज मुकदमे को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में इस विषय पर किसी प्रकार की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है और अदालत में लंबित मामलों पर सार्वजनिक चर्चा से बचना चाहिए।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े प्रकरण को लेकर प्रदेश की राजनीति में जारी बयानबाजी के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न पर डिप्टी सीएम ने संयमित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और न्यायालय सर्वोपरि है।
स्थापना दिवस के औपचारिक कार्यक्रम के उपरांत हुई इस संक्षिप्त बातचीत में राजनीतिक प्रश्नों पर उनका जवाब सीमित लेकिन स्पष्ट रहा। उन्होंने संकेत दिया कि न्यायालय में विचाराधीन विषयों पर सरकार की ओर से कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की जाएगी।
वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान, जिसमें 100 विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनाने की बात कही गई थी, पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजेश पाठक ने कहा कि इस तरह के सवालों का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार देते हुए संकेत दिया कि प्रदेश की सरकार जनादेश के आधार पर स्थिरता के साथ कार्य कर रही है।  |