जागरण संवाददाता, हरदोई। विद्यालयों में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षक-शिक्षिकाएं अब टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं।
टीचर्स फेडरेशन आफ इंडिया के बैनर तले चल रहे आंदोलन के तहत तीसरे दिन बुधवार को भी शिक्षकों ने हाथों में काली पट्टी बांधकर विद्यालयों में पढ़ाई कराई और अपने विरोध को दर्ज कराया।
उनका कहना है कि जब वे लंबे समय से बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, तो अब उनसे दोबारा परीक्षा लेने का निर्णय पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
आंदोलनरत शिक्षकों का कहना है, “विद्यालयों से लेकर घरों तक बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते उम्र बीत गई। अब हमसे परीक्षा देने के लिए कहा जा रहा है। यह अनहोनी व्यवस्था किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।” उनका आरोप है कि यह निर्णय शिक्षकों के आत्मसम्मान और अनुभव की अनदेखी है।
फेडरेशन के आह्वान पर बुधवार को भी शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और विरोध भी दर्ज होता रहे।
इसके बाद गुरुवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी गई है। शिक्षकों का कहना है कि जब तक टीईटी संबंधी आदेश वापस नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।  |
|