(फाइल फोटो)
संवाद सहयोगी, लोनी। ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र में सोमवार को राष्ट्रीय पक्षी 10 माेरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनके शव पचायरा गांव के पास आश्रम में पड़े मिले। एक मोर अचेत अवस्था में मिला जिसे बचा लिया गया।
ग्रामीणों की सूचना पर पशु चिकित्सा अधिकारी, वन विभाग की टीम व पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लिया। अंदेशा जताया गया है कि पास के खेत में कीटनाशक का सेवन करने से मोरों की मौत हुई है।
वन विभाग की टीम ने मौके से मिट्टी व पानी के नमूने एकत्र कर कीटनाशक दवाई के खाली पैकेट जांच के लिए कब्जे में लिए है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए कई नमूने एकत्र किए हैं। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट के बाद मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
पचायरा गांव परमहंस महाराज आश्रम के पास सोमवार सुबह ग्रामीणों ने करीब 11 राष्ट्रीय पक्षी मोर को संदिग्ध हालत में पड़ा देखा। इसके बाद आश्रम मे भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय पक्षी को कीटनाशक दवाई दिए जाने की आशंका जताते हुए मामले की सूचना पुलिस व वन विभाग अधिकारियों को दी।
सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने पशु चिकित्सक को मामले से अवगत कराया। वन विभाग के अधिकारी और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। पशु चिकित्सक ने जांच के बाद पांच मोर व पांच माेरनी को मृत घोषित कर दिया। वहीं एक गंभीर अवस्था में पड़े मोर का उपचार शुरू किया गया। वन विभाग व चिकित्सक के अथक प्रयास से एक मोर को बचाया गया।
वन विभाग की एसीएफ डॉ. सलोनी ने बताया कि मृत पाए गए 10 मोर के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले है। मौके से मिले कीटनाशक दवाई के खाली पैकेट को कब्जे में लिया गया है। घटना स्थल से मिट्टी व पानी के नमूने एकत्र कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गये है।
पशु चिकित्सक द्वारा मोरों का पोस्टमार्टम को भेजा गया। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग की टीम ने नवादा के पास जंगल में पक्षियों को दफना दिया गया। |
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