प्रतीकात्मक फोटो
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। ऊर्जा निगम के डिवीजन नकुड़ में उपभोक्ताओं से वसूले गए बिजली बिल के 32 लाख रुपये का गबन करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। एक्सईएन सहित पांच आरोपितों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के बाद पीवीवीएनएल के मुख्य निदेशक रवीश गुप्ता ने यह कार्रवाई की है।
बता दें कि इस मामले में मुख्य आरोपित टीजी-2 सुशील कर्णवाल के खिलाफ मुख्य खजांची की ओर से 11 फरवरी को नकुड़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। ऊर्जा निगम की ओर से संचालित बिजली बिल राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को छूट दी जा रही है। योजना के तहत पीवीवीएनएल के नकुड़ डिवीजन में तैनात डिप्टी कैशियर के रूप में कार्यरत टीजी-2 सुशील कर्णवाल ने उपभोक्ताओं द्वारा जमा की गई करीब 32 लाख 48 हजार रुपये की धनराशि को विद्युत निगम में जमा नहीं कराया।
यह राशि 29 जनवरी से नौ फरवरी के बीच की अवधि की है। मामले का पता चलने पर कार्यकारी मुख्य खजांची रोहित कुमार ने सुशील के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि सुशील ने 29 जनवरी से 31 जनवरी तक करीब 21.61 लाख रुपये और एक फरवरी से नौ फरवरी तक करीब 10.87 लाख रुपये निगम के बैंक खाते में जमा नहीं कराए। मुकदमा दर्ज होते ही आरोपित सुशील फरार हो गया था।
इन्हें किया गया निलंबित
एक्सईएन राजा कुमार, सहायक लेखाधिकारी महेश कुमार, सहायक लेखाकार संदीप कुमार, कार्यकारी सहायक लेखाकार रोहित कुमार व धर्मेंद्र सिंह।
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मुख्य खजांची की शिकायत का संज्ञान लेते हुए पीवीवीएनएल के एमडी ने जांच बैठाई थी। जांच में भी शिकायत सही पाए जाने पर एमडी ने निलंबन की कार्रवाई की है। निदेशक कार्मिक आशु कालिया ने इसकी पुष्टि की है।
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