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भागलपुर में कोर्ट को उड़ाने की मिली थी धमकी। (जागरण)
कौशल किशोर मिश्र, भागलपुर। ई-मेल से भागलपुर के प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश और जिलाधिकारी डाॅ. नवल किशोर चौधरी को कोर्ट और समाहरणालय को बम से उड़ा देने की धमकी देने वाले का अबतक कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
ई-मेल भेजने वाले ने 20 जनवरी 2025 और और आठ फरवरी 2026 को प्रधान जिला सत्र न्यायाधीश तथा 17 फरवरी को भागलपुर के जिलाधिकारी को ई-मेल भेज बम से कोर्ट-कलेक्ट्रेट उड़ाने की धमकी दे डाली थी।
मामले में पुलिस सुरक्षा के सभी जुगाड़ कोर्ट और समाहरणालय परिसर में लगाते हुए निश्चिंत हो गई लेकिन धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले का कुछ पता नहीं लगा सकी है।
साइबर थाने की तकनीकी टीम पिन प्वाइंट ट्रेस नहीं कर सकी है। ई-मेल भेजने में जिस नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया है उसका इस्तेमाल विदेशों में खासक यूएस में किया जाता है।
ई-मेल वाली धमकी से न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और मुवक्किलों तथा समाहरणालय परिसर में अधिकारियों और कर्मियों में अनहोनी की भय समाया हुआ है।
लखनऊ टीम ने मारी बाजी
जबकि उत्तर प्रदेश के जौनपुर न्यायालय और वहां के पुलिस केंद्र के गेट को बम धमाके से उड़ाने की धमकी 17 फरवरी को वहां के जिला जज को भेजने वाला शातिर दबोच लिया गया।
लखनऊ की एटीएस यानी एंटी टेररिस्ट स्कवॉड ने 22 फरवरी को तकनीकी जांच तेज करते हुए ई-मेल भेज धमकी देने वाले विशाल रंजन को दबोच लिया।
जौनपुर न्यायालय और पुलिस लाइन के गेट को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपित विशाल रंजन को लखनऊ एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्कवॉड) की टीम ने 22 फरवरी को सिधारी थाना क्षेत्र के हड़हा बाबा नरौली स्थित किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया।
वह आजमगढ़ के निजामाबाद थाना के बक्शपुर गांव का निवासी है। एटीएस ने आरोपित के पास से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, मेमोरी कार्ड, चार सिम और 21 हजार नकद भी बरामद किया है।
विशाल ने 17 फरवरी 2026 को जौनपुर जिला न्यायाधीश के सरकारी ई-मेल आइडी पर अलग-अलग कुल पांच ई-मेल से न्यायालय परिसर व जौनपुर पुलिस लाइन गेट को बम से उड़ाने व मुख्यमंत्री से एक लाख रुपये भेजवाने की धमकी दी थी।
उसके पास से कई नामों से प्रोटान मेल, जीमेल, आउट लुक की लगभग 50 ई-मेल आइडी प्राप्त हुई एवं अलग अलग नामों से 20 फेसबुक आइडी बरामद करने में एटीएस कामयाब हो गई।
विशाल रंजन ने अपने क्षेत्र के दुश्मनी रखने वाले लोगों के आईडी से फर्जी ई-मेल आइडी बनाकर उनके मोबाइल नंबरों का प्रयोग कर जौनपुर न्यायालय परिसर एवं पुलिस लाइन गेट को बम से उड़ाने की धमकी दिया था ताकि पुलिस उन सभी को गिरफ्तार कर ले।
ई-मेल भेजने वाले की आईडी का पता लगाया जा रहा है, इसमें कुछ हद तक कामयाबी मिली है। जिस नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया है वह यूएसए का है। जहां के नोडल पदाधिकारी से संपर्क साधा गया है। -
कनिष्क श्रीवास्तव, डीएसपी थानाध्यक्ष, साइबर थाना। |
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