राज्य कर विभाग कार्यालय परिसर में खड़े वाहन। जागरण
जागरण संवाददाता, बरेली। होली आते ही राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने जांच का कार्य तेज कर दिया गया है। मानक के अनुसार बिल नहीं मिलने पर माल का परिवहन कर रहे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। इसमें बड़े ट्रक वाहनों के साथ फेरी लगाने वाले वेंडर भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
वाहन चालक चालाकी करते हुए ऐसे रास्तों से निकलने का प्रयास कर रहे हैं, जहां आम तौर पर वाहनों का आवागमन नहीं होता है। इसके साथ रात व दिन में न चलकर तड़के चार से पांच बजे के बीच परिवहन कर रहे हैं, जिससे जांच अधिकारी से सामना नहीं होने पाए। वहीं, जीएसटी के अधिकारी गुप्त रास्तों पर भी पहरा बिठाए हैं, जिससे ई-वे बिल एक्सपायर, बिना बिल का माल वाले मामले पकड़ में आ रहे हैं।
राज्य कर विभाग सचल दल के सहायक आयुक्त संतोष मिश्र ने बताया कि बिना बिल के सामान लाने व ले जाने वालों की जांच शहर में तीन स्थानों पर की जा रही है। कोई भी माल जिस पर जीएसटी लगता है। वह बिना बिल के ले जा रहे हैं तो उस पर कार्रवाई का प्रविधान है। उन्होंने कहा कि माल 50 हजार रुपये से कम का भी है तो भी उस के लिए खरीद का बिल होना चाहिए।
केस : एक :- शहर के झुमका चौराहे के पास टुलिया निवासी फईम बाजार में कट पीस कपड़े बेचने की फेरी लगाते हैं। 40 हजार रुपये का माल दिल्ली से मंगाया था। वह रविवार तड़के सामान ई-रिक्शा से घर ले जा रहे थे, रास्ते में जीएसटी मोबाइल यूनिट के अधिकारी ने उनसे बिल मांगा।
बिल लेने के बाद गड़बड़ी बताते हुए बीआइ बाजार स्थित राज्य कर विभाग के कार्यालय भेजा, जहां कुल माल के बिल का दोगुणा जमा करने के लिए कहा जा रहा है। ई-रिक्शा में जा रहे एक अन्य कपड़ों का सामान सचल दल चौकी में भेजा है।
केस : दो :- ट्रक में गुवाहाटी से अखरोट लोड किया गया, जिसे दिल्ली ले जाया जा रहा था। रास्ते में वाहन को रोक दिया गया। ड्राइवर ने संबंधित प्रपत्र दिखाए तो मिस मैच बताते हुए राज्य कर कार्यालय में भेज दिया गया, जहां 10 दिनों से ट्रक खड़ा है। इसी तरह बिहार से जरी का सामान ले कर जा रही टूरिस्ट बस को भी राज्य कर कार्यालय में खड़ा किया गया है।
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