सांकेतिक तस्वीर का प्रयोग किया गया है।
जागरण संवाददाता, आगरा। जगदीशपुरा इलाके में रविवार की रात बैंड-बाजा और बरात के बीच पहुंची पुलिस ने फेरों को रुकवा दिया। दुल्हन के नाबालिग होने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी।
दुल्हन के आयु संबंधित प्रपत्र देखे तो उसमें वह नाबालिग थी, जिसके बाद दूल्हे को खाली हाथ लौटना पड़ा। दुल्हन को पुलिस थाने लेकर आ गयी, फिलहाल उसे आशा ज्योति केंद्र भेजा गया है।
चाइल्ड लाइन को रविवार की रात हेल्पलाइन नंबर 1098 पर जगदीशपुरा में नाबालिग लड़की की शादी होने की सूचना मिली। चाइल्ड लाइन समन्वयक ब्रजेश कुमार गौतम और किरन रात 9:30 बजे जगदीशपुरा थाने की पुलिस के साथ पहुंच गए।
हाथरस के सादाबाद से बरात आ चुकी थी। बराती खाना खा चुके थे। दूल्हा मंडप में बैठा था। दुल्हन को स्वजन मंडप में लाने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस को देख बरातियों और घरातियों में अफरातफरी मच गई। दुल्हन के रिश्तेदार उसके बालिग होने का दावा करने लगे।
पुलिस द्वारा दुल्हन के आयु संबंधी प्रमाण पत्र मंगाकर देखने पर वह नाबालिग निकली। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि लड़की के परिवार ने कुछ महीने पहले ही पाॅक्सो का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने लड़की को नाबालिग बताया था।
लड़की का मेडिकल कराया गया था, जिसमें वह नाबालिग पायी गयी थी। इधर, मंडप में फेरों के लिए बैठे दूल्हे को पुलिस ने नाबालिग से शादी करने पर कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। दूल्हे के स्वजन का कहना था कि उन्हें नहीं पता था कि लड़की नाबालिग है।
चाइल्ड लाइन समन्वय ब्रजेश कुमार गौतम ने बताया कि आयु संबंधी प्रमाण पत्रों के अनुसार ल़ड़की नाबालिग है। उसे पुलिस की मदद से रेस्क्यू करके फिलहाल आशा ज्योति केंद्र में रखा गया है। |