गाजियाबाद में युवक को कमरे में बंद कर पीटा। (AI Generated Image)
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नंदग्राम पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नंदग्राम थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला हुआ, उसे कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया और खुद पुलिस ने उसे मौके पर पहुंचकर बचाया।
इसके बावजूद भी स्थानीय पुलिस मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी करती रही। पीड़ित द्वारा पुलिस आयुक्त से गुहार लगाने के बाद अब आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
कमरे में बंद कर पीटा
सद्दीक नगर निवासी पीड़ित सोनू उर्फ सोहनवीर ने बताया कि 14 फरवरी की शाम गीता निम्मी नामक महिला ने उसे पुराने लेनदेन के बहाने अपने घर बुलाया। जब सोनू वहां पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद अनुपम निम्मी, आदेश निम्मी और अन्य 4-5 लोगों ने उसे घेर लिया।
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आरोप है कि अनुपम ने सोनू पर चाकू से जानलेवा हमला किया, जबकि अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से उसे लहूलुहान कर दिया। हमलावरों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और लगातार मारपीट करते रहे।
पुलिस ने हमलावरों के चंगुल से छुड़वाया
घटना के वक्त सोनू का मित्र बाहर था। जिसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और सोनू को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाकर सरकारी अस्पताल ले गई। जहां उसका मेडिकल कराया गया।जिस व्यक्ति को पुलिस ने खुद बचाया उसी की शिकायत पर थाने में कोई सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने थाना प्रभारी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परेशान होकर पीड़ित ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई। कमिश्नर के आदेश पर नंदग्राम थाने में पांच नामजद समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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