प्रखंड महाविद्यालयों में दूसरे सत्र से पढ़ाई। फोटो एआई जनरेटेड
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में प्रखंड स्तर पर खुलने वाले नये डिग्री महाविद्यालयों में दूसरे शैक्षणिक सत्र से कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के स्नातक कोर्स में 16 विषयों की पढ़ाई शुरू करायी जाएगी।
पहले शैक्षणिक सत्र 2026-30 से नये डिग्री महाविद्यालयों में स्नातक संकाय में छह विषयों में पढ़ाई होगी। जिन छह विषयों की पढ़ाई होगी, वे सभी बिना प्रायोगिक कक्षा वाले विषय होंगे।
ऐसी व्यवस्था इसलिए की जा रही है, क्योंकि संबंधित प्रखंडों में ऐसे सभी महाविद्यालय फिलहाल एक जुलाई से संसाधन वाले उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संचालित किए जाएंगे।
यह व्यवस्था उच्च माध्यमिक विद्यालयोें समेत अन्य सरकारी भवनों में तब तक रहेगी, जब तक नये डिग्री महाविद्यालयों के अपने भवन और परिसर तैयार नहीं हो जाते। इसका निर्णय उच्च शिक्षा विभाग के स्तर से लिया गया है।
विश्वविद्यालयों के स्तर पर होगी शिक्षकों की व्यवस्था
विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि पहले सत्र में छात्र-छात्राओं को पढ़ाये जाने वाले छह विषय ऐसे सामान्य विषय होंगे, जिनका क्रेज स्नातक संकाय में छात्र-छात्राओं के बीच ज्यादा होता है।
इसके साथ ही हिंदी एवं अंग्रेजी साहित्य भी पहले सत्र ये ही लागू होंगे। जब तक नियमित नियुक्ति नहीं हो जाएगी, तब तक इन विषयों की शिक्षकों की व्यवस्था संबंधित विश्वविद्यालय के स्तर पर होगी।
इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान और दर्शनशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, ललित कला और गृह विज्ञान विषयों को लेकर विश्वविद्यालयों से सुझाव मांगे गए हैं।
9,284 शिक्षक-कर्मियों की होगी नियुक्ति
दूसरे सत्र में अगले साल एक जुलाई से नये डिग्री महाविद्यालयों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के 16 विषयों की पढ़ाई संचालित होगी। जिन 16 विषयों की पढ़ाई होगी, उनमें से 15 विषयों में दो-दो शिक्षक होंगे।
16वां विषय व्यावसायिक विषय के रूप में होगा, जिसमें एक ही शिक्षक होंगे। इसके लिए 9,284 शिक्षक-कर्मियों की स्थायी नियुक्ति होगी।
हर नये डिग्री महाविद्यालय में 44 शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी होंगे। इनमें प्रधानाचार्य सहित 32 सहायक प्राध्यापक एवं 12 शिक्षकेतर कर्मचारी होंगे। सहायक प्राध्यापकों की नियमित नियुक्ति बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से होगी।
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