राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सीएजी की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) द्वारा भूखंडों के आवंटन में नियमों की अनदेखी के कई मामले सामने आए हैं।
इनमें कोसी कोटवन का एक कीमती भूखंड भी शामिल है। 28,011.15 वर्गमीटर का यह भूखंड उस कंपनी को आवंटित किया गया था जिसकी नेटवर्थ 1.04 लाख रुपये थी और उस पर 300 करोड़ रुपये की परियोजना स्थापित की जानी थी।
आवेदक को इकाई स्थापित करने के लिए वर्ष 2021 से 2024 तक का समय विस्तार भी दिया गया। सीएजी की रिपोर्ट में यूपीसीडा की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगाया गया है।
कोसी कोटवन एक्सटेंशन-1 के करीब 1800-1800 वर्गमीटर के दो भूखंडों के आवंटन उन कंपनियों को किए गए जिनकी वार्षिक आय केवल 7.24 लाख और 6.36 लाख रुपये थी।
इन भूखंडों को 41.53 और 40.25 करोड़ रुपये की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए कंपनियों को आवंटित किया गया था, लेकिन यूपीसीडा ने कंपनियों की नेटवर्थ की जांच नहीं की थी।
नतीजतन कंपनियां भूखंडों के आवंटन के एक माह के भीतर 6.95 लाख रुपये जमा नहीं कर सकी। हालांकि यूपीसीडा ने आवंटन नीति और भूखंड की दरों में बदलाव के कारण दोनों आवंटन 12 अप्रैल 2023 को निरस्त कर दिए थे। |