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उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा
डिजिटल डेस्क, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल कार्यालयों में कार्यप्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सख्त तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट कहा है कि अब राजस्व प्रशासन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी 537 अंचल कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाला हाईटेक CCTV सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। विभाग ने साफ किया है कि कैमरों की गुणवत्ता, रिकॉर्डिंग क्षमता और मॉनिटरिंग व्यवस्था में किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
2MP कलर और ऑडियो कैमरे होंगे अनिवार्य
नए निर्देशों के अनुसार प्रत्येक अंचल कार्यालय में 2 मेगापिक्सल IP गार्ड कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे बुलेट और डोम दोनों मॉडल में होंगे तथा कलर विजन और ऑडियो रिकॉर्डिंग से लैस रहेंगे।
इससे न केवल स्पष्ट वीडियो रिकॉर्डिंग संभव होगी बल्कि ध्वनि भी सुरक्षित रहेगी। विभाग का मानना है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग से पारदर्शिता और जवाबदेही और अधिक मजबूत होगी।
16 चैनल NVR और 30 दिन की रिकॉर्डिंग व्यवस्था
हर कार्यालय में 16 चैनल NVR (नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर) लगाना अनिवार्य किया गया है, जिसकी बैंडविड्थ क्षमता 144 Mbps होगी। इसके साथ 6TB सर्विलांस हार्ड डिस्क लगाई जाएगी, जिससे कम से कम 30 दिनों तक का फुटेज सुरक्षित रखा जा सके।
इस व्यवस्था से किसी भी शिकायत या जांच की स्थिति में पुराना रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध रहेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिकॉर्डिंग अवधि में किसी प्रकार की कमी स्वीकार नहीं होगी।
रिमोट मॉनिटरिंग से पटना तक सीधी निगरानी
CCTV सिस्टम को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (BSWAN) या हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा। पटना स्थित सेंट्रल कमांड सेंटर से सभी अंचल कार्यालयों की निगरानी संभव होगी।
जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता और एसडीओ/डीसीएलआर मोबाइल ऐप के जरिए लाइव फीड देख सकेंगे। अंचल अधिकारी को भी अपने मोबाइल से सभी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।
दो वर्ष की वारंटी और तय खर्च सीमा
विभाग ने 16 पोर्ट POE स्विच, CAT 6A केबल, 32 इंच LED स्क्रीन, 4U रैक सहित सभी आवश्यक उपकरणों की सूची जारी की है। सभी उपकरणों पर न्यूनतम दो वर्ष की वारंटी और सर्विस अनिवार्य होगी।
प्रत्येक अंचल के लिए 1.25 लाख रुपये की खर्च सीमा तय की गई है। कुल 6.71 करोड़ रुपये की राशि जिलों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। विभाग ने निर्देश दिया है कि आवंटित राशि का उपयोग केवल CCTV अधिष्ठापन पर ही हो और इसी वित्तीय वर्ष में कार्य पूर्ण किया जाए। |
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