जागरण संवाददाता, अयोध्या। यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन कुछ परीक्षा केंद्रों पर तैनात किए गए कक्ष निरीक्षक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। 20 प्रतिशत कक्ष निरीक्षकों के अनुपस्थित रहने की सूचना है।
अनुपस्थित कक्ष निरीक्षक से संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्य से जिला विद्यालय निरीक्षक ने जवाब तलब किया और परीक्षा में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
आठ विद्यालयों के प्रधानाचार्य कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। ये सभी सहायता प्राप्त विद्यालयों के हैं। उधर, पहले दिन की परीक्षा में कुल तीन हजार सात सौ 10 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए।
कक्ष निरीक्षकों के केंद्र पर नहीं पहुंचने का प्रकरण दिनभर गूंजता रहा। कई केंद्र व्यवस्थापकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मोबाइल पर इसकी शिकायत की। इस पर डीआइओएस ने सख्त कदम उठाया। उधर, कई केंद्रों पर उत्सव-सा दृश्य रहा।
केंद्र पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों के माथे पर टीका लगाकर उनका अभिनंदन किया गया। पहली पाली में संपन्न हुई हाईस्कूल की परीक्षा में पंजीकृत 39 हजार 828 में से दो हजार 15 अनुपस्थित रहे।
वहीं, इंटरमीडिएट की परीक्षा में पंजीकृत 37 हजार पांच सौ 36 परीक्षार्थियों में से एक हजार 695 अनुपस्थित रहे। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों ने हिंदी विषय की परीक्षा दी।
शिवदयाल जायसवाल विद्या मंदिर इंटर कालेज पर परीक्षा देने वाली इंटरमीडिएट की छात्रा आर्या, अदिति ने बताया कि प्रश्नपत्र बहुत अच्छा था। पूरे अंक के प्रश्न हल किए। इसी तरह राजकीय इंटर कालेज से परीक्षा देकर बाहर आए हाईस्कूल के आकाश ने बताया कि प्रश्नपत्र अच्छा था।
न तो बहुत कठिन, न ही सरल रहा। चौ. चरण सिंह इंटर कालेज, महोली में हाईस्कूल की परीक्षा देकर निकली छात्रा कनक मिश्रा व सृष्टि मिश्रा ने बताया कि प्रश्नपत्र सामान्य था। बहुत कठिन भी नहीं आया था। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. पवन कुमार तिवारी ने बताया कि पहले दिन एक भी नकलची नहीं पकड़ा गया।
तत्परता से पहुंचा प्रश्नपत्र, अधिकारी करते रहे भ्रमण
अयोध्या: एक केंद्र पर तीन प्रश्नपत्रों की कमी की शिकायत प्राप्त हुई तो शिक्षा विभाग ने तुरंत ही प्रश्नपत्र पहुंचाए। उधर, तैनात अधिकारियों ने दोनों पालियों की परीक्षा का निरीक्षण किया। संयुक्त निदेशक योगेंद्र सिंह ने शहर के कई केंद्रों का जायजा लिया। कंट्रोल रूम में सभी डटे रहे। परीक्षा की लाइव मानीटरिंग होती रही। |