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मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी के जरिए उधार लेकर कर रहे ट्रेडिंग, तो हो जाएं सावधान; नितिन कामथ ने बताया क्या है इसका नुकसान

Chikheang 3 hour(s) ago views 701
  

MTF के जरिए ट्रेड पर घटता है प्रॉफिट



नई दिल्ली। मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) का चलन उन ट्रेडर्स के बीच तेजी से बढ़ रहा है, जो मार्केट में बड़ी पोजीशन चाहते हैं। लेकिन जैसे-जैसे इस सेगमेंट में निवेशकों का रुझान बढ़ रहा है, जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ ने चेतावनी दी है कि कई लोग एक जरूरी कॉस्ट कंपोनेंट को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकतर ट्रेडर्स इंटरेस्ट रेट पर ध्यान देते हैं, मगर असल में ब्रोकरेज फीस चुपचाप कंपाउंड (कई गुना) हो सकती है और ट्रेड्स को नुकसान में डाल सकती है, खासकर जब पोजीशन कम समय के लिए रखी जाती हैं या जब कीमत में मामूली बढ़ोतरी होती है।
क्या है MTF?

MTF के जरिए ट्रेडर्स स्टॉक्स में अपना एक्सपोजर यानी निवेश बढ़ाने के लिए फंड उधार ले सकते हैं। ये उधार आपको ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म देगा। इसी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, कामथ ने लिखा, “MTF बूम कर रहा है, लेकिन इसमें एक बात है - कई ट्रेडर इंटरेस्ट रेट को ट्रैक (नजर रख) करते हैं और ब्रोकरेज को इग्नोर करते हैं। MTF पर ब्रोकरेज आपकी सोच से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ सकता है।”
प्रॉफिट पर निगेटिव असर डालता है MTF

कामथ के अनुसार ट्रेडर्स उधार लिए गए फंड पर लगने वाले डेली इंटरेस्ट पर फोकस करते हैं, जबकि ट्रांजैक्शन के हर ट्रेड पर लगने वाले ब्रोकरेज को कम करके आंकते हैं। इंटरेस्ट के उलट, जो हर दिन फीसदी के तौर पर दिखता है, ब्रोकरेज को अक्सर आकस्मिक माना जाता है। हालांकि, कई ट्रेड्स या एक बड़े ट्रांजैक्शन में भी, नंबर (ब्रोकरेज) तेजी से बढ़ सकते हैं।
उदाहरण से समझें

कामथ ने समझाने के लिए जेरोधा चार्ज का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि - उदाहरण के लिए, 10 लाख रुपये की खरीदारी और 30 दिनों के लिए 5 लाख रुपये उधार लिए जाते हैं, तो जेरोधा के 0.04% हर दिन के ब्याज वाले मॉडल से एक बार खरीदने और बेचने पर 6,000 रुपये ब्याज और 40 रुपये ब्रोकरेज मिलता है, जिससे कुल खर्च 6,040 रुपये हो जाता है।
अब सोचिए कि यदि एक ब्रोकर जो बिना किसी लिमिट के हर ऑर्डर पर 0.10% का डेली ब्याज लेता है, तो ब्रोकरेज 2,000 रुपये हो जाएगा, जिससे कुल खर्च 8,000 रुपये हो जाएगा। दूसरा ब्रोकर जो 0.03% हर ऑर्डर पर 0.20% का डेली ब्याज लेता है, तो कम ब्याज के बावजूद कुल खर्च 8,500 रुपये हो जाएगा।
थोड़ा कम देखें, तो 0.039% डेली ब्याज वाला लेकिन हर ऑर्डर पर 20 रुपये की लिमिट वाला ब्रोकर भी कुल खर्च 5,890 रुपये कर देगा। जैसा कि कामथ की तुलना से पता चलता है, ब्रोकरेज स्ट्रक्चर ब्रेकइवन पॉइंट को काफी हद तक बदल सकते हैं।

हालांकि, याद रखना चाहिए कि ब्रोकरेज हाउस के आधार पर ब्रोकरेज चार्ज अलग-अलग हो सकते हैं।

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“शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।“

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार में निवेश की एक सुविधा की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
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