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दिल्ली में नए बायो मेडिकल अपशिष्ट उपचार संयंत्र स्थापित किए जाने को लेकर मंत्री सिरसा ने की अधिकारियों के साथ मीटिंग।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में नए बायो मेडिकल अपशिष्ट उपचार संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इसे लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल (एनपीसी), पर्यावरण विभाग और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में बायो मेडिकल कचरे की वर्तमान और भविष्य की अनुमानित स्थिति, संयंत्रों की तकनीकी विशेषताएं और कार्यान्वयन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 40 टन बायोमेडिकल कचरा उत्पन्न हो रहा है। भविष्य में इसमें और वृद्धि होगी।
इसे ध्यान में रखकर नए कामन बायोमेडिकल अपशिष्ट उपचार और निपटान सुविधाएं (सीबीडब्ल्यूटीएफ) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। इसकी क्षमता 46 टन प्रतिदिन होगी जो लगभग 2300 किलोग्राम प्रति घंटा के बराबर होगी। इस समय पूरी दिल्ली में दो संयंत्र हैं। पूर्व, उत्तर-पूर्वी, शाहदरा और पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम व मध्य क्षेत्रों के लिए नए संयंत्र स्थापित करने का प्रस्तव है। प्रत्येक संयंत्र न्यूनतम 0.5 एकड़ में स्थापित होगा।
मंत्री का कहना है कि नए संयंत्र अत्याधुनिक तकनीक से लैस और सभी वैधानिक पर्यावरण मानकों का पालन करेंगे। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दैनिक निगरानी डैशबोर्ड भी स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही टेंडर जारी किया जाएगा।
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