उत्तर प्रदेश विधानसभा में बोलते हुए सपा विधायक मनोज पारस।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधानमंडल के बजट सत्र के सातवें दिन मंगलवार को विधान सभा में सपा ने जन्म-मृत्यु एवं मूल निवास प्रमाण पत्र न बनने का मुद्दा उठाया। मुख्य विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में विपक्ष का समर्थन करने वाले मतदाता न बन जाएं इसलिए इन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं।
सपा ने यह भी आरोप लगाया कि एसआइआर में वर्ग विशेष के वोट काटने का षड्यंत्र चल रहा है। सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह आरोप गलत हैं। सभी जगह प्रमाण पत्र जारी हो रहे हैं यदि कहीं दिक्कत है तो उसे हम दिखवा लेंगे। सरकार के जवाब से असंतुष्ट सपा सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
सपा की ओर से यह मुद्दा मनोज कुमार पारस व कमाल अख्तर ने उठाया। पारस ने कहा कि इस समय जन्म-मृत्यु एवं मूल निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। आवेदन एसडीएम कार्यालय में लंबित पड़े हैं। एसआइआर में मूल निवास प्रमाण पत्र की जरूरत है लेकिन इसे जारी नहीं किया जा रहा है। कमाल अख्तर ने कहा कि नगर विकास मंत्री को नगरीय निकायों में प्रमाण पत्र बनवाने की पुरानी प्रक्रिया बहाल कर देना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि एक एसडीएम ने उन्हें बताया कि प्रमाण पत्र न बनाने के लिए ऊपर से कहा गया है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि इस समय जो भी अधिकारी एसआइआर में लगे हैं वह सरकार की नहीं चुनाव आयोग की परिधि में आकर काम कर रहे हैं। जहां तक प्रमाण पत्र न बनने की बात है यह सही नहीं है। सभी जगह प्रमाण पत्र बन रहे हैं, इसके बावजूद विपक्ष ने जो बातें कहीं हैं उसका संज्ञान ले लिया है। हम इसको दिखवा लेंगे। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोकझोंक भी देखने को मिली।
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