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GST ट्रिब्यूनल की आनलाइन अपील की फीस से कानपुर व्यापारी परेशान, इस वजह से छोटे मामले में अपील से बना रहे दूरी

deltin33 3 hour(s) ago views 199
  



जागरण संवाददाता, कानपुर। जीएसटी ट्रिब्यूनल की तीन मुख्य और दो सर्किट पीठों ने प्रदेश में काम शुरू कर दिया है। अभी आनलाइन माध्यम से अपील दाखिल की जा रही है, लेकिन अपील करने के लिए न्यूनतम पांच हजार रुपये की फीस रखी गई है। इससे पहले वैट ट्रिब्यूनल में अपील की फीस 2100 रुपये हुआ करती थी। इससे छोटे मामलों में व्यापारी अपील करने से भी कतराने लगे हैं।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के लगभग आठ साल बाद अब प्रदेश में जीएसटी अपीलीय अधिकरण की पीठों ने काम शुरू कर दिया है। पिछले महीने से सभी ट्रिब्यूनल बेंच में आनलाइन अपील स्वीकार की जा रही हैं। लखनऊ, वाराणसी और गाजियाबाद में मुख्य पीठ का गठन हुआ है जबकि प्रयागराज और आगरा को सर्किट पीठ के रूप में मान्यता दी गई है। ट्रिब्यूनल यानी अधिकरण को व्यापारियों के टैक्स विवादों में न्याय के उद्देश्य से बनाया गया है लेकिन महंगी फीस के कारण पूरी प्रक्रिया को छोटे कारोबारी अपने लिए न्याय से दूरी मान रहे हैं।

ट्रिब्यूनल में अपील भी अंग्रेजी भाषा में दाखिल की जाएगी। इसे भी व्यापारी वर्ग अपने लिए परेशानी का कारण मान रहा है। प्रदेश में जीएसटी का सभी काम-काज हिंदी भाषा में हो रहा है। ऐसे में व्यापारियों को अपील करने के दौरान सभी हिंदी प्रपत्रों का अंग्रेजी अनुवाद कराना पड़ रहा है जो और भी खर्चीला है।

जीएसटी सलाहकार एडवोकेट संतोष गुप्ता ने बताया कि जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर के स्तर से जारी कर देयता आदेश के तीन माह के भीतर ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करनी होगी। ट्रिब्यूनल को इसमें 45 दिन तक का विलंब क्षमा करने का अधिकार है। 01 जुलाई 2017 से 31 मार्च 2026 तक पारित आदेशों के विरुद्ध अपील 30 जून 2026 तक दाखिल की जा सकेगी। ट्रिब्यूनल में अपील दाखिल करने की न्यूनतम फीस 5,000 रुपये है। इसके बाद हर एक लाख रुपये के टैक्स जुर्माना पर एक हजार रुपये की दर से फीस बढ़ती जाएगी और अधिकतम 25,000 रुपये लिए जाएंगे।

इनकम टैक्स में ट्रिब्यूनल की फीस अधिकतम दस हजार रुपया है। पहले लागू वैट व्यवस्था में ट्रिब्यूनल की फीस 2100 रुपये ही थी। महंगी फीस के कारण छोटे व्यापारी अपील करने से बच रहे हैं। इससे विवादित मामलों में टैक्स अधिकारियों के फैसले ही महत्वपूर्ण हो जाने का खतरा है।



  • लखनऊ पीठ: लखनऊ, कानपुर, बरेली, अयोध्या और आसपास के 18 जिले।
  • गाजियाबाद पीठ: गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल।
  • वाराणसी पीठ: वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर और बस्ती मंडल।
  • सर्किट पीठ (प्रयागराज व आगरा): संबंधित मंडलों के जिलों की सुनवाई करेगी।
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