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India AI Impact Summit में ओडिशा ने दिखाई ताकत, Sarvam AI से सहयोग पर विशेष जोर

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India AI Impact Summit 2026



संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में ओडिशा ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। भारत मंडपम, नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित India AI Impact Summit 2026 में ओडिशा सरकार ने “Odisha – From AI to Impact” थीम के साथ समर्पित पवेलियन स्थापित कर अपनी नीतिगत पहल, जमीनी क्रियान्वयन और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत प्रदर्शन किया।

समिट में देश-विदेश के नीति निर्धारकों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान ओडिशा ने स्पष्ट किया कि वह केवल एआई नीति बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे विभिन्न क्षेत्रों में लागू कर परिणाम भी दे रहा है।
नीति निर्माण में अग्रणी राज्य

ओडिशा देश के उन शुरुआती राज्यों में शामिल है जिसने व्यापक एआई नीति को कैबिनेट की मंजूरी दी है। राज्य की नीति में डेटा प्रबंधन, जवाबदेही, नैतिक एआई, गोपनीयता सुरक्षा और संस्थागत ढांचे को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। सरकार का उद्देश्य एआई को जनहित और सुशासन का उपकरण बनाना है।
शासन से लेकर कृषि तक एआई का उपयोग

समिट में प्रदर्शित प्रस्तुतियों में बताया गया कि ओडिशा ने एआई का उपयोग शासन, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और शहरी बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में शुरू कर दिया है।

  • आपदा प्रबंधन में पूर्वानुमान आधारित मॉडल
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में डेटा विश्लेषण आधारित निगरानी:
  • कृषि में फसल पैटर्न व मौसम आधारित सलाह
  • शिक्षा में डिजिटल लर्निंग टूल
  • राज्य सरकार का दावा है कि इन पहलों से सेवा वितरण की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ी हैं।

ओडिया भाषा आधारित एआई पर जोर

ओडिशा ने स्थानीय भाषा में एआई समाधान विकसित करने पर विशेष बल दिया है। इसका उद्देश्य तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण और वंचित वर्ग भी डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा सकें। सरकार ओडिया भाषा आधारित बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
Sarvam AI से रणनीतिक साझेदारी

समिट में ओडिशा ने Sarvam AI के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को प्रमुखता से रखा। इस सहयोग का लक्ष्य संप्रभु एआई क्षमताओं का विकास, उच्च स्तरीय कंप्यूटिंग अवसंरचना तैयार करना और स्थानीय भाषा आधारित मॉडल विकसित करना है.
सरकार का मानना है कि यह साझेदारी राज्य में एआई अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी को मजबूती देगी। इससे ओडिशा को एआई आधारित औद्योगिक निवेश आकर्षित करने में भी सहायता मिलेगी.
स्टार्टअप पारिस्थितिकी का प्रदर्शन
ओडिशा पवेलियन में 10 से अधिक स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थान और तकनीकी भागीदारों ने अपने उत्पाद और समाधान प्रदर्शित किए। इससे राज्य की उभरती एआई पारिस्थितिकी और नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिली।
मंत्री ने रखी भविष्य की रूपरेखा

राज्य के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने कहा कि ओडिशा एआई को केवल तकनीक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के साधन के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की नीति, बुनियादी ढांचे और साझेदारियों का उद्देश्य समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी पहचान

समिट में ओडिशा की सक्रिय भागीदारी से राज्य को एआई-सक्षम शासन मॉडल के रूप में पहचान मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा तो ओडिशा आने वाले वर्षों में एआई आधारित नवाचार का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

एआई के बढ़ते वैश्विक महत्व के बीच ओडिशा का यह कदम राज्य को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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