भागलपुर सदर अस्पताल में खुलेगा कार्डियक यूनिट, सीएचसी में भी मिलेगी थ्रोम्बोलिसिस सुविधा
जागरण संवाददाता, भागलपुर। हार्ट अटैक की स्थिति में मरीज के परिजनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि उसे तत्काल कहां ले जाया जाए। निजी अस्पतालों में इलाज शुरू होते ही खर्च का दबाव बढ़ जाता है। अब आने वाले महीनों में जिले के मरीजों को राहत मिलने वाली है। सरकार की पहल पर सीएचसी, अनुमंडलीय और रेफरल अस्पतालों में हार्ट अटैक के मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सदर अस्पताल में अलग से कार्डियक यूनिट स्थापित किया जाएगा, जहां हृदय रोगियों को भर्ती कर समुचित इलाज दिया जाएगा। इस दिशा में दो चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
सीएचसी में भी मिलेगी थ्रोम्बोलिसिस की सुविधा
हार्ट अटैक के मामलों में एक-एक मिनट कीमती होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मरीज को एक घंटे के भीतर थ्रोम्बोलिसिस की सुविधा मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। इसी वित्तीय वर्ष से यह सुविधा सीएचसी, अनुमंडलीय और रेफरल अस्पतालों में शुरू करने की तैयारी है। एनपीएनसीडी (राष्ट्रीय कार्यक्रम–गैर संचारी रोग) के तहत यह सेवा दी जाएगी। हार्ट अटैक की स्थिति में रक्त वाहिकाओं में थक्का (थ्रोम्बस) बन जाता है। थ्रोम्बोलिसिस प्रक्रिया में दवाओं के जरिए इस थक्के को घोल दिया जाता है, जिससे रक्त प्रवाह सामान्य होता है और मरीज की स्थिति में सुधार आता है। प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत पड़ने पर मरीज को उच्च केंद्र भेजा जाएगा।
सदर अस्पताल में बनेगा कार्डियक यूनिट, आईसीयू सुविधा भी
थ्रोम्बोलिसिस के बाद मरीज को आईसीयू निगरानी की आवश्यकता होती है। इसे देखते हुए सदर अस्पताल में कार्डियक यूनिट स्थापित किया जाएगा, जिसमें आईसीयू की सुविधा उपलब्ध रहेगी। यहां केवल हृदय रोगियों को भर्ती किया जाएगा और प्रशिक्षित चिकित्सक उनकी निगरानी करेंगे। आने वाले समय में एंजियोग्राफी समेत अन्य उन्नत सुविधाओं के विस्तार की भी योजना है। सरकार की ओर से हार्ट मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।
चिकित्सकों को मिला विशेष प्रशिक्षण
सदर अस्पताल के गैर-संचारी रोग पदाधिकारी डा. पंकज मनस्वी, डा. पी.बी. मिश्रा एवं डीपीएम को राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा पटना में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में कार्डियक विंग के संचालन, आवश्यक संसाधनों और क्रिटिकल केयर प्रबंधन की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने हार्ट अटैक मरीजों के उपचार प्रोटोकॉल और आवश्यक दवाओं के संबंध में भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
प्रखंड अस्पतालों में शुरू हुई आधुनिक ईसीजी सेवा
जिले के प्रखंड अस्पतालों में आधुनिक टैबलेट आधारित ईसीजी सेवा शुरू कर दी गई है। मरीजों की ईसीजी रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। जांच के बाद कार्डियोलॉजिस्ट दस मिनट के भीतर रिपोर्ट देखकर अपनी राय भेज देते हैं।रिपोर्ट में स्थिति को सामान्य, संदिग्ध या हार्ट अटैक की श्रेणी में बताया जाता है। हार्ट अटैक की पुष्टि होने पर मरीज को तत्काल भर्ती करने की सलाह दी जाती है।
“प्रखंड अस्पतालों में जल्द ही थ्रोम्बोलिसिस की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही सदर अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट भी खोली जाएगी। इसके लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। संभावना है कि इसी वित्तीय वर्ष में यह सुविधा शुरू हो जाएगी।”
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डा. पंकज मनस्वी, गैर-संचारी रोग पदाधिकारी |
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