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मुद्रालोन धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड आमिर अहसन लखनऊ से गिरफ्तार, STF को कई दिनों से थी तलाश

Chikheang 3 hour(s) ago views 600
  

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण



जागरण संवाददाता, मऊ। एसटीएफ और साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर कई लोगों से करोड़ों रुपये ठगने के मास्टरमाइंड आमिर अहसन को आइएआइएम रोड से गिरफ्तार किया है। उसके पास से दो इनोवा, एक एक्सयूवी और दो सियाज कारें, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद हुआ है।  

पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आमिर ने बैंक मैनेजर से मिलीभगत कर फर्म और कंपनियों के नाम पर गलत तरीके से मुद्रा लोन पास कराए थे। एसटीएफ के उपाधीक्षक विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपित की पहचान मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना निवासी आमिर अहसन के रूप में हुई है। कुछ दिनों पूर्व हजरतगंज के वजीर हसन रोड निवासी राज बहादुर गुरुंग ने एसटीएफ से शिकायत की थी।

शिकायत में आरोप लगाए कि लोन की जरूरत पड़ने पर मित्र इंद्रजीत सिंह के माध्यम से नावेद हसन से उनकी मुलाकात हुई थी। नावेद ने खुद को कई बैंक प्रबंधकों से परिचित होने की बात कहते हुए लोन दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद राज बहादुर को यूनियन बैंक की जानकीपुरम शाखा के मैनेजर गौरव सिंह के केबिन में बुलाकर पूरी प्रक्रिया कराई गई, लेकिन लोन नहीं मिला। छह महीने बाद उनके पास किस्त बाकी होने का मैसेज आया।  

छानबीन में उन्हें अपने नाम पर दो लोन स्वीकृत होने की बात पता चली। शिकायत पर एसटीएफ ने आरोपितों बैंक मैनेजर गौरव सिंह, नावेद समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया तो जांच में पूरे नेटवर्क का राजफाश हुआ। जांच में सामने आया कि आमिर अहसन नावेद के साथ मिलकर लोन दिलाने का गिरोह चलाता था। इसके बाद आमिर की तलाश शुरू हुई। आमिर ने बताया कि 2017 में यूनिटी कालेज से उसने ड्राफ्टमैन से डिप्लोमा किया था। इसी दौरान नावेद से मुलाकात हुई थी।

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नावेद के ऊपर पहले से फ्राड का मामला दर्ज है। आमिर ही ठगी के गिरोह का मास्टरमाइंड था। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है। कूटरचित दस्तावेजों से कराते थे लोन: आमिर ने यह भी बताया कि आम लोगों के आधार कार्ड और पैन कार्ड हासिल कर उन पर लगी फोटो एडिट कर अपने परिचितों की फोटो लगा देते थे।

बैंक कर्मियों की साठगांठ से फर्जी कम्पनियों का कोटेशन तैयार कराते फिर उन्ही पर मुद्रा लोन स्वीकृत करा लेते थे। आरोपितों ने 2019 में पहली बार आधार और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोन कराया था। इसमें शामिल एक युवक को उन्होंने 10 प्रतिशत लोन दिया था। पुलिस आरोपितों से जानकारी कर उस युवक और पूर्व के फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की तलाश भी कर रही है। जालसाज अभी तक 100 से अधिक लोगों को शिकार बना चुके हैं।
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