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ग्रामीणों का आक्रोश को देख गांव में बाइक छोड़ भागे पुलिसकर्मी। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। घर से अरुण को साथ ले जाने के बाद विशाल ने कुछ देर तक उससे बातचीत की। कहासुनी होने पर सीने में दाहिने तरफ पिस्टल सटाकर गोली मार दी। पास के मैदान में मौजूद लोगों की माने तो आरोपितों ने अपने मोबाइल फोन से घटना का वीडियो भी बनाया। लेकिन पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
यह घटना गांव के बाहर भारत गैस गोदाम के पास स्थित मैदान में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक विशाल ने पिस्टल निकालकर अरुण के सीने में गोली मार दी। गोली लगते ही अरुण जमीन पर गिर पड़ा। फायरिंग की आवाज सुन पास में क्रिकेट खेल रहे युवक मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को देने के साथ ही घायल अरुण को मेडिकल कालेज पहुंचाया। हत्या की खबर फैलते ही गांव में तनाव व्याप्त हो गया। मौके पर दो बाइक से पुलिसकर्मी जानकारी लेने पहुंचे तो आक्रोशित लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे पुलिस की दो बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं।
पुलिसकर्मी स्कूटी, बाइक के साथ ही अपनी डायरी छोड़कर फरार हो गए। थाने से पहुंची फोर्स ने बल प्रयोग कर भीड़ को नियंत्रित किया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों में दो बाइक पर सवार आरोपित अपने साथी संग गांव के बाहर जाते दिख रहा है। भोला निषाद ने चिलुआल पुलिस को विशाल की बहन की शादी का कार्ड दिया। उन्होंने बताया कि तीन पहले उसने घर आकर शादी का कार्ड दिया था।
रोते-रोते बेसुध हुई मां, खामोश बैठा छोटा भाई
अरुण दो भाइयों में बड़ा था और परिवार की जिम्मेदारी धीरे-धीरे अपने कंधों पर उठा रहा था। रविवार शाम उसकी हत्या की खबर जैसे ही स्वजन को मिली, मातम पसर गया। मां बिंदी देवी बार-बार एक ही बात दोहरा रही थीं बेटे का किसी से बैर नहीं था। रोते-रोते उनकी आवाज भर्रा जा रही थी।
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पिता भोला निषाद चुपचाप जमीन पर बैठे थे। आंखें सूनी हैं, जैसे भीतर से सब कुछ टूट चुका हो। अरुण पेंट पालिश के काम के अलावा मैरिज हाल में लाइटिंग का काम भी कर लेता था। छोटा भाई तरुण हलवाई का काम सीख रहा है।
दरवाजे पर जुटे गांव वाले बताते हैं कि अरुण हंसमुख स्वभाव का था। शाम को दोस्तों के साथ खेलता-बैठता था, लेकिन किसी विवाद में पड़ने वाला लड़का नहीं था। घटना के बाद से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। हर घर में उसी घटना की चर्चा थी। |
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