जनकपुरी थाना पुलिस ने आरोपी को पकड़ने में सफलता पाई। (सांकेतिक तस्वीर)
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जनकपुरी थाना क्षेत्र में अपनी शादीशुदा बहन के प्रेमी की गला घोंटकर हत्या करने में शामिल भगोड़ा घोषित आरोपित को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान गाजियाबाद, यूपी के मोहम्मद नसीम उर्फ मोनू के रूप में हुई है।
आरोपित ने अपने जीजा इरफान के साथ मिलकर अवैध संबंध के चलते बीते वर्ष एक जून को मोहम्मद कादिर नामक व्यक्ति को शराब में नींद की गाेलियां मिलाकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसके शव को जानी नहर, मेरठ में फेंक दिया था। फरार होने के चलते बीते वर्ष 10 सितंबर को उसे न्यायालय द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
उपायुक्त विक्रम सिंह के मुताबिक, मृतक मोहम्मद कादिर और इरफान एक ही अस्पताल में काम करते थे। इरफान को पता चला कि कादिर के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध थे। इस बात से गुस्साए इरफान ने अपने साथियों के साथ मिलकर कादिर को शराब में नींद की गोलियां खिलाकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और हत्या करने के बाद पुलिस को गुमराह करने और गिरफ्तारी से बचने के लिए मृतक की लाश को जानी नहर, मेरठ में फेंक दिया।
जांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपित इरफान का साला नसीम भी इस वारदात में शामिल था, जो कैब चालक के रूप में काम करता था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपित ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अब तक अपने रिश्तेदारों के नाम पर जारी कई फोन और 30 से अधिक सिम का इस्तेमाल किया है और नकली आईडी पर कैब चालक का काम करता रहा है। टेक्निकल डेटा के आधार पर आरोपित की लोकेशन का पता चला और एसीपी उमेश बर्थवाल की देखरेख में आरोपित को दबोच लिया गया। |