बलिया में शहीद सीआरपीएफ जवान राजकुमार गौड़ को अंतिम विदाई, जनसैलाब उमड़ा।
जागरण संवाददाता, बेरुआरबारी (बलिया)। छत्तीसगढ़ के धमतरी में शनिवार को सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ जवान राजकुमार गौड़ की असामयिक मृत्यु की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार दोपहर करीब 12 बजे जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव धनौती पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी।
हर आंख नम थी और माहौल गमगीन। गांव की गलियां सिसकियों और श्रद्धांजलि के नारों से गूंज उठीं। जवान के घर का दृश्य बेहद मार्मिक था। पत्नी पूजा देवी बेसुध थीं। तीन माह का मासूम पुत्र हर्ष और पांच वर्ष की बेटी श्रेयांशी अभी यह भी नहीं समझ पा रहे कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है।
पिता शमशेर और माता शिव कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित कोबरा बटालियन 201 के अधिकारी अखिलेश कुमार शर्मा, सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर मुहम्मद शाजिद अंसारी, एसआई राम लखन सोनकर सहित अन्य जवानों ने नम आंखों से अंतिम सलामी दी। वर्दीधारी साथियों की श्रद्धांजलि के बीच वातावरण और भी भावुक हो उठा।
बताया जाता है कि राजकुमार छुट्टी लेकर ट्रेन पकड़ने के लिए साथियों के साथ कार से निकले थे, तभी रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। धनौती ही नहीं, पूरा क्षेत्र अपने सपूत के निधन से स्तब्ध है। राजकुमार भले ही इस दुनिया से चले गए हों, लेकिन उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और मुस्कान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। जनसैलाब के बीच यह गूंजता रहा कि \“\“जब तक सूरज चांद रहेगा, राजकुमार का नाम रहेगा…\“\“। |