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हिमाचल सरकार ने सब्सिडी दी तो घाटे के 390 बस रूट लेने के लिए आ गए हजारों आवेदन, कांगड़ा के सबसे ज्यादा

deltin33 1 hour(s) ago views 714
  

एचआरटीसी के 390 घाटे वाले रूटों पर निजी बसें चलेंगी। प्रतीकात्मक फोटो  



अनिल ठाकुर, शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के घाटे के रूटों पर जल्द ही निजी बसें चलती नजर आएंगी। परिवहन विभाग की ओर से सरेंडर किए 390 बस रूट के लिए 3100 आवेदन आ गए हैं। विभाग ने अब आवेदन की तिथि को 19 फरवरी तक बढ़ा दिया है। पहले इसकी अंतिम तिथि आठ फरवरी थी। पहले इनके लिए आवेदन ही नहीं मिल रहे थे। एचआरटीसी के घाटे वाले रूटों को लेने को आपरेटर तैयार ही नहीं हो रहे थे।
30 प्रतिशत अनुदान का फैसला

ऐसे में राज्य सरकार ने अपनी योजना में बदलाव किया। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना-तीन के तहत बस खरीद के लिए 30 प्रतिशत अनुदान देने का निर्णय किया। सरकार ने तर्क दिया कि यह अनुदान घाटे की प्रतिपूर्ति करेगा। इसके बाद ही आवेदनों की संख्या बढ़ी है।
4500 को पार कर सकता है आंकड़ा

विभाग का दावा है कि आवेदनों का यह आंकड़ा 4500 को पार कर जाएगा। इन रूटों पर 18, 32 व 42 सीटर बसें चलेंगी। परिवहन विभाग पिछले दो साल में बसों के चार सौ से ज्यादा रूट विज्ञापित कर चुका है। इनमें से करीब 40 रूट ही आपरेटर ने लिए। अतिरिक्त आयुक्त परिवहन विभाग नरेश ठाकुर ने बताया कि आवेदन की तिथि को 19 फरवरी तक बढ़ाया गया है।  
कहां कितने रूट होंगे आवंटित

कांगड़ा जिला में 101, बद्दी-नालागढ़ में नौ,  कुल्लू में 20, सोलन में सात, शिमला में 68, रामपुर में 14, नाहन में 15, चंबा में 11, बिलासपुर में 19, हमीरपुर में 18, मंडी में 95 और ऊना में 13 रूट निजी आपरेटर को रूट दिए जा रहे हैं।
अनुदान लेकर बस न चलाई तो रद होगा परमिट

परिवहन विभाग की ओर से जारी एसओपी के अनुसार आवेदन करने वाला स्थायी रूप से हिमाचली होना चाहिए। आवेदक बेरोजगार होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त आवेदन किसी भी सरकारी अर्ध सरकारी, पीएसयू या राज्य परिवहन उपक्रम में कार्यरत नहीं होना चाहिए। परिवहन विभाग के साथ कोई बकाया न हो। एक परिवार से केवल एक ही सदस्य को योजना का लाभ मिलेगा। आवेदनों की जांच संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों द्वारा की जाएगी। यदि आवेदनों की संख्या उपलब्ध मार्गों से अधिक हुई, तो चयन लॉटरी (ड्रा) ऑफ  लॉट्स के माध्यम से किया जाएगा। यदि कोई अनुदान लेकर बस नहीं चलाता तो उसका परमिट रद्द कर दिया जाएगा। इसके अलावा उससे अनुदान की राशि को भी वसूला जाएगा।   
अनुदान मार्ग परमिट और खरीद के बाद ही जारी

आवेदन कर्ताओं को 18 सीटर बसों की आन रोड लागत का अधिकतम 30 प्रतिशत तक अनुदान यानी सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी मार्ग परमिट जारी होने और वाहन खरीद के बाद ही जारी की जाएगी। इस योजना में प्राथमिकता स्थानीय निवासी व उपमंडल के निवासियों को मिलेगी। इसके बाद जिला निवासी और फिर अन्य पात्र आवेदकों को दी जाएगी। सब्सिडी का भुगतान संबंधित बैंक के माध्यम से श्रम रोजगार एवं विदेश नियोजन विभाग द्वारा किया जाएगा। परमिट मार्ग एक बार मिलने के बाद ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।

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