सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली)। गंगा की रेत पर सैलानियों को घुमाने के लिए वर्चस्व व रेट को लेकर उपजा विवाद शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया। घोड़ा-ऊंट संचालकों और नाविकों के बीच हुई मारपीट में पांच लोग घायल हो गए। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई, जबकि पर्यटकों में दहशत फैल गई।
हालात बिगड़ते देखकर घाट के किनारे दुकानदारों ने भय से दुकानें बंद कर दीं। मामला सीमा विवाद में उलझा रहा। पीड़ित वाराणसी गए तो उन्हें चंदौली भेज दिया गया। बाद में मुगलसराय पुलिस ने छह नामजद सहित 20 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया।
रेत पर सैलानियों को घुमाने के लिए रेट को लेकर चलती है तनातनी
गंगा पार रेत पर सैलानियों को घुमाने के लिए लंबे समय से दोनों पक्षों के बीच रेट तय करने को लेकर तनातनी चल रही थी। नाविकों का आरोप है कि घोड़ा-ऊंट संचालक मनमाने ढंग से अधिक रुपये वसूल रहे थे। इसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में तब्दील हो गई। घोड़ा-ऊंट संचालक अधिकतर कटेसर गांव के निवासी हैं। विवाद बढ़ने पर उनके पक्ष के स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
मांझी समाज के लिए भी जुट गए
जानकारी मिलने पर मांझी समाज के लोग भी जुट गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर दशाश्वमेध थाना की पुलिस और सूजाबाद चौकी की टीम पहुंची। किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में मामला मुगलसराय थाना क्षेत्र का बताते हुए संबंधित थाने को सूचित किया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
इस मामले में पुलिस ने गोपी यादव, पिंकल यादव, महादेव यादव, बड्डू यादव, कल्लू यादव, रमेश यादव सहित 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट, उपद्रव और शांति भंग की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
वहीं मांझी समाज संगठन के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो नाव संचालन बंद कर आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन से गंगा पार रेत पर सवारी की दरें निर्धारित करने और स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। |