मारपीट करने के पांच दोषियों को तीन-तीन साल कैद।
संवाद सहयोगी, जगाधरी। सरकारी कार्यालय में घुसकर वनरक्षक से मारपीट करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और चालान बुक लूटने के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को तीन-तीन साल कैद सजा सुनाई। साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माने भी किया है। फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजना अग्रवाल की अदालत ने सुनाया।
दोषी गांव कुटीपुर निवासी राहुल, रामकुमार, लखन, गौरव और अनुज है। 13 नवंबर 2023 को घटना हुई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रासिक्यूटर सुधीर सिंदर ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पांचों दोषियों को सजा सुनवाई। प्रतापनगर थाना पुलिस ने वनरक्षक अमित कुमार की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
शिकायत में अमित कुमार ने बताया था कि वह अपने साथी विकास के साथ पश्चिमी यमुना नहर के टोंगिया जंगल क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान उन्होंने कुछ लोगों को जंगल से अवैध रूप से लकड़ी काटकर टेंपो में लोड करते देखा। वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने की भनक लगते ही आरोपित भागने लगे। एक युवक टेंपो लेकर फरार होने लगा, जिसे वनरक्षकों ने पकड़ लिया और भूड़कलां स्थित सरकारी कार्यालय में ले आए। पूछताछ में युवक ने अपना नाम लकी बताया था।
लाठी-डंडों से लैस होकर कार्यालय में घुसे थे
वनरक्षक जब चालान बुक में कार्रवाई कर रहे थे तभी 15 से 20 युवक लाठी-डंडों से लैस होकर कार्यालय में घुस आए। उन्होंने वनरक्षकों पर हमला किया और चालान बुक छीनकर फरार हो गए। वनरक्षकों ने आरोपियों का पीछा किया तो कुछ दूरी पर दोबारा उन पर हमला कर मारपीट की गई।
आसपास के लोगों ने किसी तरह से उन्हें छुड़वाया। बाद में मामले की सूचना पुलिस को दी गई। उसके बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच की। |
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