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फर्जी पासपोर्ट मामले में पोस्टमैन को रिमांड पर लेगी पुलिस, फरार सिपाही पर घोषित होगा इनाम

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फर्जी पासपोर्ट मामले में पोस्टमैन को रिमांड पर लेगी पुलिस। (प्रतीकात्मक तस्वीर)



विनीत कुमार, गाजियाबाद। गाजियाबाद में भोजपुर थाना क्षेत्र में फर्जी पतों पर जारी हुए 22 पासपोर्ट मामले की जांच कर रही पुलिस जेल में बंद पोस्टमैन अरुण कुमार और पासपोर्ट एजेंट विवेक गांधी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी।

वहीं, शुक्रवार को कोर्ट में पीसीआर पर कोर्ट निर्णय देगी। पुलिस एक अन्य पोस्टमैन से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस पोस्टमैन अरुण और एजेंट विवेक का आमना-सामना संदिग्ध पोस्टमैन से कराएगी।

पुलिस का कहना है कि अभी पकड़े गए पोस्टमैन ने जो जानकारी दी है उसकी पुष्टि के लिए गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है। इसके अलावा फरार सिपाही दीपक कुमार पर शीघ्र इनाम घोषित किया जा सकता है। अभी लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ होनी है।

पुलिस ने जेल में बंद पासपोर्ट फर्जीवाड़े के पांच आरोपितों में से दो आरोपित पोस्टमैन अरुण कुमार और एजेंट विवेक गांधी से पूछताछ करने के लिए कोर्ट में पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन किया हुआ है।

पुलिस ने कोर्ट में 14 दिन का रिमांड देने के लिए आवेदन किया है। शुक्रवार को कोर्ट पुलिस के आवेदन पर निर्णय देगी। केस की जांच कर रही क्राइम ब्रांच कई संदिग्ध नंबरों के जरिए आरोपितों की तलाश में जुटी हुई है।

वहीं, कई दिन की जांच के बाद भी यह पता नहीं चल पाया है कि जिन 22 लोगों के पासपोर्ट जारी हुए वह वास्तव में कौन हैं और कहां के हैं। विवेक गांधी पूरे मामले में पूरे रैकेट में बीच की कड़ी है। उससे रिमांड अवधि में आवेदकों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
पुलिस अधिकारी सख्त निर्णय लेते तो फरार नहीं होता सिपाही

पासपोर्ट आवेदन और जारी होने के बीच सबसे अहम काम आवेदक का पुलिस वेरीफिकेशन ही होता है। यहीं गाजियाबाद पुलिस गड़बड़ कर गई। पासपोर्ट जैसे संवेदनशील दस्तावेज की जांच के नाम पर खानापूर्ति करते हुए खुद पुलिसकर्मी फर्जीवाड़े में शामिल हो गए।

इसके बाद भी अधिकारियों ने सख्त निर्णय नहीं लिया और आरोपित सिपाही फरार हो गया। अब उसकी तलाश हो रही है। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस उसके खिलाफ इनाम भी घोषित कर सकती है।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद: कुख्यात गैंगस्टर के अपने पते पर फर्जी पासपोर्ट की बात सुनकर चौंक गए बुजुर्ग, क्या है पूरा मामला?

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपित के पकड़े जाने पर ही पता चलेगा उसने कितने रुपये लेकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है।


दो आरोपितों के रिमांड प्रार्थना पत्र पर कोर्ट आज निर्णय देगी। आरोपितों से पूछताछ कर आगे की कड़ियां जोड़ी जाएंगी। - अमित सक्सेना, एसीपी क्राइम
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