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एसबीआइ को छोड़कर 350 से अधिक सरकारी बैंकों में हडताल, 300 करोड़ का लेन-देन ठप

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एसबीआइ को छोड़कर 350 से अधिक सरकारी बैंकों में हडताल, 300 करोड़ का लेन-देन ठप  

जागरण संवाददाता, वाराणसी : अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रमुख श्रम संगठनों व एआइबीईए-एआइबीओए तथा बैंक इम्प्लाईज फेडरेशन आफ इंडिया बेफी के आह्वान पर गुरुवार को जनपद के बैंकों में पूर्ण तालाबंदी रही। इस एक दिन की हड़ताल में अकेले वाराणसी में भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर 350 से अधिक समस्त सरकारी बैंकों में पूर्ण तालाबंदी रही। लगभग 2,500 अधिकारियों और कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने के कारण कैश, समाशोधन, अंतरण, एनइएफटी, आरटीजीएस नहीं होने के कारण लगभग 300 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ। अपनी मांगों के समर्थन में और सरकार के निर्णय के विरोध में 250 से अधिक कर्मियों ने बैंक आफ बड़ौदा व नदेसर स्थित इंडियन बैंक के अंचल कार्यालय पर नारेबाजी की। यूपीबीईयू वाराणसी इकाई के सहायक महामंत्री व यूपी बैंक इंप्लाईज यूनियन वाराणसी इकाई के मंत्री संजय शर्मा व अध्यक्ष आरबी चौबे ने कहा कि अगर सरकार ने मांगे पूरी नहीं की तो अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने बाइक जुलूस निकाल कर हाथों में तख्ता व बैनर लिए कैंटोमेंट स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मंडल कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।  





संगठनों की प्रमुख मांगें

- श्रम अधिकारों पर हमले बंद करें

- नौकरियों और नौकरी की सुरक्षा पर हमले बंद करो.

- निश्चित अवधि रोजगार को बंद करें

- श्रम संहिताओं पर पुनर्विचार करें

- प्रतिगामी प्रावधानों को हटाएं  



एलआइसी में भी हड़ताल, तीन करोड़ का कारोबार प्रभावित

वाराणसी : प्रमुख मांगों को लेकर गुरुवार को एलआइसी दफ्तर में एक दिवसीय हड़ताल रही। दफ्तर के ताले बंद रहे तथा दिन भर नारेबाजी, प्रदर्शन, सभा, भाषण का दौर चलता रहा। यूनियन ने मांग की कि एलआइसी में तत्काल क्लास थ्री फोर ग्रुप में नई भर्ती प्रारंभ हो, पेंशन रिवीजन तुरंत हो, फैमिली पेंशन में सुधार हो, आइपीओ, एफडीआइ, निजीकरण पर अंकुश लगे, न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित हो, जबरदस्ती श्रम कानून में परिवर्तन पर तत्काल रोक लगे व अन्य मांगों को लेकर आज पूरे देश के बीमा दफ्तरों में ताला बंदी रहा। भेलुपूरा वाराणसी के प्रांगण में कर्मचारी नेता नारायण चटर्जी और सुमंत कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों महिला, पुरुष सहयोगी तमाम साथी हड़ताल पर रहे। हड़ताल से एलआइसी वाराणसी मंडल के कैश क्लेक्शन शून्य रहा तथा लगभग तीन करोड़ का कारोबार ठप रहा। इस दौरान महामंत्री सुमंत कुमार, वीके सिंह, पंकज गुप्ता, संगीता गुप्ता आदि मौजूद रहे।





आयकर भवन में आधे दिन का धरना, लंबित मांगों पर उठी आवाज

वाराणसी : केंद्रीय आइसीए के बैनर तले आयकर कर्मचारी महासंघ (आइटीईएफ) और आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने गुरुवार को आयकर भवन में आधे दिन का शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। धरने में कैडर रिव्यू के क्रियान्वयन, लंबित पदोन्नति, आइटीओ की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूची को अंतिम रूप देने, भर्ती नियमों में संशोधन व आइसीटी नीति बहाली की मांग उठी। साथ ही 8वें वेतन आयोग में संशोधन, 50 प्रतिशत डीए-डीआर विलय, ओपीएस बहाली, रिक्त पद भरने और आउटसोर्सिंग बंद करने की मांग भी की गई।  





लीड के साथ : चार लेबर कोड के विरोध में ईसीआरईयू ने दिया आम हड़ताल को नैतिक समर्थन



जागरण संवाददाता, पीडीडीयू नगर (चंदौली) : केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में बुधवार को ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन ने आम हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया। पूर्व मध्य रेलवे में मान्यता प्राप्त यूनियन के आह्वान पर रेलकर्मियों व मजदूरों ने विभिन्न कार्यस्थलों पर गेट मीटिंग, नुक्कड़ सभा और विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।  



गेट मीटिंग की अध्यक्षता यूनियन के केंद्रीय संगठन सचिव व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड एसके शर्मा व संचालन सचिव पीड़ी चंद्रिका यादव ने किया। सहायक महासचिव कामरेड किरन कुमारी ने कहा कि चार लेबर कोड मजदूरों पर थोपा गया काला कानून है, जिसका यूनियन लगातार विरोध कर रही है। इससे कार्य के घंटे बढ़ाने और वेतन में कटौती जैसी नीतियां लागू की जा रही हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह केंद्रीय संगठन सचिव एसके शर्मा ने कहा कि रेलवे कर्मचारी मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ अब पूरी तरह एकजुट हो चुके हैं। प्लांट डिपो सचिव कामरेड चंद्रिका यादव ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों पर जबरन निजीकरण और निगमीकरण थोपा जा रहा है। 55/30 सर्विस रिव्यू की नीति लाई गई है, पहले एनपीएस और अब यूपीएस लागू कर दी गई, जबकि ओपीएस पर चर्चा तक नहीं हो रही। प्लांट डिपो कोषाध्यक्ष कामरेड मृत्युंजय कुमार ने कहा कि रेलवे में लगभग तीन लाख पद रिक्त हैं, जिससे कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्यभार है। कार्यक्रम के अंत में प्लांट डिपो सचिव कामरेड चंद्रिका यादव ने उपस्थित रेलकर्मियों और मजदूरों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान केंद्रीय संगठन सचिव एस.के. शर्मा, सहायक महासचिव किरन कुमारी, प्लांट डिपो उपाध्यक्ष सीमा कुमारी, संयुक्त सचिव प्रभात कुमार, कोषाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सहित बड़ी संख्या में रेलकर्मी मौजूद रहे।





चंदौली में बैंककर्मियों की हड़ताल से 150 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित

जागरण संवाददाता चंदौली: पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को बैंककर्मी हड़ताल पर रहे, इससे 300 बैंक शाखाओं व 400 एटीएम में करीब 150 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। वहीं, हड़ताली बैंक कर्मियों ने आल इंडिया बैंकिग इंप्लाई एसोसिएशन एवं यूनियन बैंक इंप्लाई यूनियंस के तत्वावधान में प्रदर्शन किया। बैंक बंद होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल में सभी बैंकों के सभी कर्मचारी शामिल हुए। हड़ताल के कारण के एक ओर बैंकों पर ताला लटका रहा तो दूसरी तरफ एटीएम के शटर भी बंद रहे और बैंककर्मी सड़कों पर प्रदर्शन करते नजर आए। अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने कहा सरकार बैंक को निजी हाथों में सौंपना चाहती है। विभिन्न मांगों को लेकर बैंककर्मी लंबे समय से धैर्यपूर्वक समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन बार-बार की जा रही देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर सचिव एसपी दुबे, संयुक्त सचिव शशिभूषण, मंत्री रमेश कुमार त्रिपाठी, इंद्रजीत सिंह, सत्यजीत आदि थे।
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