भारत में पैसों की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को एक बड़ी तादाद है। यहां तक कुछ छात्र जैसे-तैसे 12वीं तक की पढ़ाई तो पूरी कर लेते हैं, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से वो आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। इसे देखते हुए देश की कई राज्य सरकारें छात्रों को स्कॉलरशिप की सुविधा मुहैया कराती हैं, ताकि किसी भी छात्रों को पैसों की वजह से पढ़ाई ना छोड़नी पड़े। ऐसे में आज हम आपको उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बारे में बताएंगे, जो छात्रों को स्कॉलरशिप देती हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार 'उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति पोर्टल' के जरिए छात्रों को स्कॉलरशिप मुहैया कराती है। इस योजना का लाभ कक्षा 9 से लेकर हायर एजुकेशन तक के छात्र उठाते हैं। प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक में छात्रों को DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए सीधे पैसे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। एससी/एसटी/ओबीसी/सामान्य श्रेणियों के छात्रों के लिए प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक दोनों छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं। इस योजना के अंतर्गत स्कॉलरशिप अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, जनजातीय कल्याण विभाग और समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की जाती हैं।
बिहार में भी छात्रों को पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप योजना चलाई जाती है। यहां मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन योजना और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाती है। अभ्यर्थी 'PMEBC स्कॉलरशिप पोर्टल' पर आवेदन कर सकते हैं। यह स्कॉलरशिप इंटरमीडिएट के छात्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर पढ़ रहे छात्रों को भी यह सुविधा मिलती है। ये पैसे अभ्यर्थियों के सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होते हैं।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी स्कॉलरशिप के जरिए छात्रों को फायदा मिलता है। मध्य प्रदेश में छात्रों के लिए दो स्कॉलरशिप की योजनाएं काफी फेमस है। पहला 'मेधावी विद्यार्थी योजना' और दूसरा 'आवास सहायता योजना'। इन योजनाओं के जरिए हर माह छात्रों को अलाउंस दिया जाता है। ऐसे ही राजस्थान में 'उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति' और 'मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना' चला रही है। छात्र 'SJE Rajasthan Portal' के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
केंद्र की नेशनल लेवल की स्कॉलरशिप
राज्य सरकार के अलावा केंद्र सरकार भी छात्रों को स्कॉलरशिप दे रही हैं। केंद्र सरकार 'नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल' (NSP) के जरिए सभी राज्यों में अल्पसंख्यक, SC/ST और दिव्यांग छात्रों को फायदा देता है। इसके जरिए छात्र अपनी एलिजिबिलिटी देखकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पश्चिम बंगाल- SVMCM (Swami Vivekananda Merit Cum Means) योजना
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख- छात्रों को एनुअल अलाउंस
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