AI in Indian Education System: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI लोगों के कामों को आसान बनाने के साथ ही अब भारतीय शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर बदलने वाला है. अब भारतीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे भी स्मार्ट पढ़ाई करेंगे. इसके लिए टेक सेक्टर की बड़ी और दिग्गज कंपनी Google ने देश के पब्लिक एजुकेशन सिस्टम को स्मार्ट और आधुनिक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने Wadhwani AI को ₹85 करोड़ का अनुदान दिया है. कंपनी का इस अनुदान का मकसद सरकारी शिक्षा प्लेटफॉर्म्स में AI टेक्नोलॉजी को जोड़कर करोड़ों छात्रों और टीचर्स को बेहतर, पर्सनलाइज्ड और अगल-अलग भाषा सीखने में मदद करेगा. इस पहल से न सिर्फ पढ़ाई का तरीका बदलेगा बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों तक डिजिटल शिक्षा पहुंच सकेगी.
Google की परोपकारी शाखा Google.org ने वधावानी AI के लिए ₹85 करोड़ के अनुदान की घोषणा कर दी है. इस निवेश का मुख्य उद्देश्य सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में इंडिया-फर्स्ट AI टूल्स को शामिल करना है.
7.5 करोड़ छात्रों तक पहुंचेगी AI की शक्ति
Google का यह प्रोजेक्ट भारत में जिम्मेदार AI सीखने के माहौल को और मदद करेगा. कंपनी ने टारगेट सेट किया है कि दिसंबर 2027 तक इस पहल के जरिए से देश भर के 7.5 करोड़ छात्रों और 18 लाख टीचर्स तक पहुंच जाएगा. हाल ही में हुए एक रिसर्च के मुताबिक 74% भारतीयों का मानना है कि AI छात्रों के सीखने के नतीजों में सुधार कर सकता है और गूगल इसी भरोसे को हकीकत में बदलना चाह रहा है.
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मौजूदा प्लेटफॉर्म्स होंगे स्मार्ट
इस प्रोजेक्ट की अच्छी और खास बात यह है कि यह कोई नया ऐप या पोर्टल बनाने के बजाय भारत सरकार के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाएगा. गूगल और वधावानी AI मिलकर SWAYAM नाम का ऑनलाइन लर्निंग पोर्टल और POSHAN Tracker हेल्थ की निगरानी जैसे प्लेटफॉर्म्स में एडवांस AI फीचर्स जोड़ेंगे.
क्या होंगे नए फीचर्स?
छोटे बच्चों को 10 अलग-अलग भारतीय भाषाओं में पढ़ने की क्षमता में मदद.
छात्रों और शुरुआती करियर वाले प्रोफेशनल्स को मॉडर्न वर्कफोर्स के लिए जरूरी कम्युनिकेशन स्किल्स सिखाने के लिए AI कोच की तैनाती.
गूगल अपने कोर प्रोडक्ट्स जैसे Gemini और Google Classroom में कई भारतीय भाषा को शामिल करेगा.
छोटे शहरों का बदलेगा भविष्य
गूगल इंडिया की वीपी और कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना के मुताबिक कंपनी का उद्देश्य एक ऐसा भविष्य बनाना है जहां भारत का हर शिक्षार्थी चाहे उसकी भाषा या स्थान कुछ भी हो अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सके.
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Google का यह निवेश केवल वधावानी AI तक सीमित नहीं है. गूगल कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के साथ मिलकर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में देश की पहली AI-इनेबल्ड यूनिवर्सिटी की भी शुरुआत करने जा रहा है. इन प्रोजेक्ट्स से जो डेटा और एक्सपीरियंस मिलेगा उसका इस्तेमाल उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा तैयार करने में किया जाएगा. इससे बड़े महानगरों और टीयर 2-3 शहरों के बीच के डिजिटल गैप को कम करने में मदद मिलेगी.
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