कुत्तों के लिए बनेगा बाड़ा।
जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। जनजीवन के लिए खतरा बन रहे कुत्तों की वृद्धिदर को नियंत्रित करने के लिए शासन से जिलाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। ग्राम्य स्तर पर निराश्रित कुत्तों के आक्रामक व्यवहार के प्रभावी प्रबंधन के लिए जिला ग्रामीण क्षेत्र स्वान प्रबंधन समिति का गठन करने के निर्देश हैं।
उनके लिए बाड़ा बनाने को कहा गया है। सात से अधिक विभागों को संयुक्त उत्तरदायित्व दिया गया है। मासिक समीक्षा के साथ शासन से इसकी निगरानी की जाएगी।
प्रमुख सचिव अनिल कुमार तृतीय ने लिखे पत्र में कहा है कि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, डीपीआरओ, बीडीओ व निकायों के अधिशासी अधिकारी समन्वय बनाकर इस दिशा में काम करेंगे।
स्वान घर का निर्माण क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत की धनराशि से किया जाएगा। यही संस्थाएं कार्यादायी संस्था के रूप में काम करेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकतानुसार स्वानगृह का निर्माण किया जाएगा।
स्थल का चयन सार्वजनिक प्रतिष्ठानों व संस्थाओं के आसपास नहीं होगा। इसकी डिजाइन, आकार, बजट व स्थल चयन एवं उसमें रखे जाने वाले कुत्तों की संख्या का निर्धारण गठित समिति की स्वीकृति से होगा।
निराश्रितोंं कुत्तों के बंध्याकरण व टीकाकरण के लिए निश्चित स्थान पर ले आने और ले जाने के बाबत कैटल कैचर की व्यवस्था भी क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत करेंगे। इसकी आवश्यकताओं का आकलन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी।
नगर पालिका परिषद को मिली भूमि
एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर के लिए राजस्व विभाग ने नगर पालिका परिषद को भूमि उपलब्ध करा दी है। अधिशासी अधिकारी लालचन्द्र सरोज ने बताया कि नरायनपुर में गाटा 373 में करीब 37 विसवा जमीन उपलब्ध कराई गई है।
अब अयोध्या सीएनडीएस (कांट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विस) को डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का दायित्व दिया गया है। इसके बाद उसे शासन को भेजा जाएगा। |
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