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Budget 2026 में रियल एस्टेट को क्या मिलेगा? अफोर्डेबल हाउसिंग, टैक्स राहत और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगी नजर!
Budget Expectations 2026: घर खरीदने का सपना देख रहे लाखों लोगों और रियल एस्टेट सेक्टर की नजरें अब बजट 2026 (Budget 2026) पर टिकी हैं। बीते कुछ सालों में प्रॉपर्टी की कीमतें और होम लोन की EMI तेजी से बढ़ी हैं, जिससे मिडिल क्लास और पहली बार घर लेने वालों पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या बजट 2026 आम खरीदारों को राहत देगा और क्या रियल एस्टेट को नई दिशा मिलेगी?
इसे लेकर जागरण बिजनेस ने ओराम ग्रुप के फाउंडर प्रदीप मिश्रा से बात की और उन्होंने एक-एक कंफ्यूजन दूर किया। उन्होंने बताया कि रियल एस्टेट सेक्टर को इस बजट से कई अहम फैसलों की उम्मीद (Budget 2026 real estate expectations) है।
अफोर्डेबल हाउसिंग पर सबसे बड़ी उम्मीद
रियल एस्टेट सेक्टर चाहता है कि बजट 2026 (Budget 2026) में अफोर्डेबल हाउसिंग को फिर से मजबूत किया जाए। मौजूदा हालात में लग्जरी हाउसिंग की बिक्री अच्छी चल रही है, लेकिन अफोर्डेबल और मिड-इनकम सेगमेंट कमजोर पड़ता जा रहा है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो बाजार में डिमांड और सप्लाई का असंतुलन बढ़ सकता है। इसलिए डेवलपर्स और एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बजट को इस सेगमेंट में जान फूंकनी होगी।
होमबायर्स, निवेशकों के लिए टैक्स राहत की मांग
बढ़ती कीमतों और ऊंची EMI के बीच टैक्स में राहत (Budget 2026 tax benefits home buyers) बेहद जरूरी मानी जा रही है। होम लोन पर ब्याज और प्रिंसिपल की टैक्स छूट की लिमिट बढ़ाने की मांग की जा रही है। इससे न सिर्फ एंड यूजर्स को फायदा होगा, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। टैक्स राहत से बाजार में डिमांड (real estate sector Budget 2026 demands) बढ़ सकती है और बिक्री को सपोर्ट मिल सकता है।
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हाउसिंग सब्सिडी फिर से फोकस में
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम जैसी योजनाओं को दोबारा असरदार बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। खासतौर पर पहली बार घर खरीदने वालों और मिडिल इनकम ग्रुप के लिए इंटरेस्ट सब्सिडी आज के समय में काफी अहम हो गई है। जब घर महंगे हों और EMI भारी पड़ रही हो, तब सब्सिडी ही डिमांड को थामने का सबसे व्यावहारिक तरीका बनती है।
पॉलिसी, अप्रूवल सिस्टम में सुधार की जरूरत
डेवलपर्स सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम और तेज अप्रूवल की मांग कर रहे हैं। जटिल और देर से मिलने वाली मंजूरियां प्रोजेक्ट की लागत बढ़ा देती हैं, जिसका बोझ आखिरकार खरीदार पर आता है। अगर बजट 2026 में अप्रूवल प्रोसेस को आसान और तेज करने पर फोकस हुआ, तो प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे और घर ज्यादा अफोर्डेबल बन पाएंगे।
प्रदीप मिश्रा के मुताबिक, बजट 2026 को रियल एस्टेट के लिए एक \“डायरेक्शन सेटिंग बजट\“ माना जा रहा है, जो तय करेगा कि आने वाले सालों में घर खरीदना आसान होगा या मुश्किल। |
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