तिगांव की गलियों में इस तरह बहता रहता है गंदा पानी। जागरण
प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद। जिले के सबसे बड़े तिगांव गांव में सीवर लाइन डालने के नाम पर 13 करोड़ खर्च कर दिए लेकिन परिणाम सुखद नहीं हैं। उम्मीद की जा रही थी कि सीवर लाइन चालू होने के बाद ग्रामीणों को राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सीवर लाइन चालू है लेकिन मौके पर हालात बेहद दयनीय हैं।
अहम बात यह भी है कि अभी तक कुछ ही ग्रामीणों के सीवर कनेक्शन हो सकें हैं। गांव की गलियों में गंदा पानी बहता रहता है। आज भी ग्रामीण सोख्ता गड्ढे बनवाते हैं क्योंकि सीवर लाइन अक्सर जाम रहती है। इसका सीधा असर भूजल पर भी पड़ रहा है। गांव में जगह-जगह गंदा पानी लाइन से लीक होकर आसपास जमा हो जाता है। शिकायत के कई दिन बाद सुनवाई होती है।
ग्रीवेंस कमेटी में भी उठा था मामला
तिगांव के रहने वाले राजेश वर्मा व जयकिशन वर्मा ने ग्रीवेंस कमेटी में तिगांव सीवर लाइन का मामला उठाया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को दो महीने में समाधान कराने के आदेश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने काम ही नहीं किया। ग्रामीण राजेश व जयकिशन का कहना है कि गांव में सीवर लाइन जाम पड़ी रहती है, इसलिए अभी कनेक्शन भी नहीं किए गए हैं।
सीवर लाइन के कई मैनहोल टूट गए हैं, धंस गए हैं। अधिकतर गलियों में मैनहोल ऊंचे-नीचे हैं। इनसे ग्रामीणों व वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। कई जगह सीवर ओवरफ्लो होने से गंदा पानी गलियों में भरा हुआ है। कई गलियां ऐसी हैं जहां इंटरलाकिंग टाइलों के नीचे मैनहोल दबा दिए गए हैं। तिगांव-बल्लभगढ़ मुख्य मार्ग पर पांच किलोमीटर लंबी सीवर लाइन मिर्जापुर एसटीपी तक डाली गई है। जो जगह-जगह से लीक होती रहती है। इस वजह से गंदा पानी आसपास भर जाता है।
मंत्री ने भी जताई थी नाराजगी
प्रदेश के राज्य मंत्री राजेश नागर ने अपने पिछले कार्यकाल में इस मामले को लेकर काफी नाराजगी जताई थी। यह मामला विधानसभा कमेटी के समक्ष उठाया था। कई बार ठेकेदार को फटकार लगा चुके थे। यहां तक कि उसे ब्लैक लिस्ट करने की भी सिफारिश कर दी थी।
इस मामले की जांच होनी चाहिए। सीवर लाइन के नाम पर 13 करोड़ रुपये बर्बाद कर दिए और इसका लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल सका है।
-
जेपी अधाना एडवोकेट, तिगांव
लाइन तो चालू हैं, यदि कहीं दिक्कत है तो इसे ठीक करा दिया जाएगा। कई बार सीवर के दबाव में लीकेज हो जाती है। कहीं मैनहोल टूटे या धंसे हैं तो इसे ठीक करा दिया जाएगा।
-
- राहुल बेरवाल, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
सीवर लाइन ही ठीक प्रकार से काम नहीं कर रही है, इसलिए कनेक्शन नहीं हो सकें हैं। यदि और कनेक्शन ले लिए तो पूरी लाइन ठप हो जाएगी। अधिकारियों को समाधान करना चाहिए।
-
- दयानंद नागर, सदस्य ग्रीवेंस कमेटी |
|