पलट गई पुलिस की पूरी थ्योरी
डिजिटल डेस्क, पटना। पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में पुलिस की शुरुआती थ्योरी अब पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। जिन तथ्यों के आधार पर पहले निष्कर्ष निकाले गए थे, वे अब नई रिपोर्टों के सामने कमजोर पड़ते दिख रहे हैं। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे सवाल भी गहराते जा रहे हैं।
दो रिपोर्ट्स ने बदली जांच की दिशा
मामले में आई दो अहम रिपोर्टों, फॉरेंसिक जांच और मेडिकल इनपुट, ने पुलिस को दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है। इन रिपोर्टों में ऐसे संकेत मिले हैं, जो पहले सामने आई कहानी से मेल नहीं खाते। इसी के बाद जांच एजेंसियों ने पूरे केस को नए सिरे से खंगालना शुरू कर दिया है।
डीएनए साक्ष्य बने गेमचेंजर
छात्रा के अंतर्वस्त्र से मिले जैविक अवशेषों के आधार पर डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यही साक्ष्य अब केस की धुरी बन गया है। डीएनए रिपोर्ट के आधार पर संदिग्धों की पहचान और उनकी भूमिका को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एसआईटी के साथ एसआईयू भी मैदान में
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब विशेष जांच टीम (SIT) के साथ-साथ विशेष जांच इकाई (SIU) को भी जांच में लगाया गया है। टीमों ने गर्ल्स हॉस्टल, छात्रा के कमरे और आसपास के इलाकों में घंटों छानबीन की। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की भी दोबारा जांच की जा रही है।
हॉस्टल से अस्पताल तक टाइमलाइन में उलझन
छात्रा के हॉस्टल में रहने, तबीयत बिगड़ने और अस्पताल पहुंचने के समय को लेकर जांच में कई विरोधाभास सामने आए हैं। किस वक्त क्या हुआ, कौन मौजूद था और किसने सूचना दी, इन सवालों के जवाब अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। यहीं पर जांच सबसे ज्यादा उलझती दिख रही है।
पोस्टमार्टम के बाद बढ़े सवाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के कुछ बिंदुओं ने भी पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। रिपोर्ट के निष्कर्षों को घटनास्थल की परिस्थितियों से मिलाने में जांच एजेंसियों को कठिनाई हो रही है, जिससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह और गहरा गया है।
जिम्मेदारी तय होने की आहट
जांच में सामने आ रही खामियों के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। लापरवाही के आरोपों को लेकर अंदरखाने जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
डीएनए रिपोर्ट के इंतजार में केस
फिलहाल पूरी जांच डीएनए रिपोर्ट पर टिकी हुई है। पुलिस का मानना है कि रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो जाएगा कि मौत के पीछे कौन-कौन से लोग और परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। तब तक यह मामला पटना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। |
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