इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने में प्राधिकरण ने पहल की।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। इंद्रप्रस्थ औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने में प्राधिकरण ने पहल की है। योजना के तहत औद्योगिक भूखंडों में मिट्टी भराव के साथ ही पांच मीटर चौड़ी सड़क को बढ़ाकर 12 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस पर करीब 4.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्राधिकरण के अनुसार इसके बाद अगले पांच वर्षों में यहां औद्योगिक इकाई स्थापित होने से करीब 200 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
जीडीए ने इंद्रप्रस्थ योजना के बी-पाकेट को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में लांच किया था। यहां कुल 50 से अधिक भूखंड लंबे समय तक नहीं बिक सके थे। जून 2020 में कोरोना काल के दौरान प्राधिकरण ने 45 औद्योगिक भूखंडों की नीलामी कर उद्यमियों को आवंटित किया। उस समय तीन महीने में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जब उद्यमी मौके पर पहुंचे तो वहां गहरे गड्ढे और अविकसित क्षेत्र मिला।
शिकायतों के बाद गड्ढों में मिट्टी भराव तो कराया गया, लेकिन उद्यमियों को 45 मीटर चौड़ी सड़क के स्थान पर केवल पांच मीटर चौड़ी सड़क मिली। इस पर जीडीए उपाध्यक्ष ने जांच के लिए समिति गठित की। समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि यदि सड़क चौड़ी की जाती है तो उद्यमियों के भूखंडों से भूमि लेनी पड़ेगी। इसके बाद भूखंडों के सामने से सात मीटर भूमि लेकर 12 मीटर चौड़ी सड़क बनाए जाने का निर्णय लिया गया।
मुआवजा मिला लेकिन सवाल बरकरार
उद्यमी अरुण गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल में वर्ष 2020 में 17,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से 820 वर्ग मीटर का भूखंड खरीदा था, जिसे बाद में घटाकर 780 वर्ग मीटर कर दिया गया। अब सड़क निर्माण के लिए सात मीटर और भूमि ली गई है, जिससे भूखंड और छोटा हो गया। क्षेत्र में 450 वर्ग मीटर से लेकर 820 वर्ग मीटर तक के कई भूखंड हैं, जिनका क्षेत्रफल कम हुआ है।
इंद्रप्रस्थ योजना के औद्योगिक पॉकेट में 12 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण और भूखंडों में मिट्टी भराव कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। - आलोक रंजन, मुख्य अभियंता, जीडीए
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