जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में रविवार को छात्रों के दो गुटों में भिंड़त हो गई। घटना को लेकर परिसर में काफी देर तक हंगामा रहा। एक पक्ष ने कुलपति आफिस एवं आवास पर पहुंचकर हंगामा किया। घटना के बाद विश्वविद्यालय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
उधर, एक पक्ष ने चीफ वार्डन से शिकायत के साथ थानाध्यक्ष को भी तहरीर दी है। उधर, घटना के बाद विश्वविद्यालय-प्रशासन ने छह छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए समिति का गठन भी किया है।
दोपहर करीब 12 बजे पंडित दीन दयाल उपाध्याय व एपीजे हास्टल में रहने वाले बीटेक के छात्रों के बीच यह भिंड़त हुई। इस घटना का कारण पुरानी रंजिश बताया गया है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय छात्रावास में रहने वाले बीटेक के छात्र अवनीश आर्य पक्ष ने चीफ वार्डन के साथ ही मेडिकल थानाध्यक्ष से पूरे मामले की शिकायत की है।
छात्र का आरोप है कि सुबह करीब 10 बजे वह अपने हास्टल में था। इसी दौरान वहां एपीजे एवं एमपी हास्टल के करीब 10-11 छात्र आए। इन सभी छात्रों ने उसको घेर लिया। उसके साथ गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह वहां से लाइब्रेरी जा रहा था। उसका पीछा करके घेर लिया।
छात्र ने आरोप लगाया कि इसी दौरान एक छात्र ने तमंचा निकाल लिया और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही जमकर मारपीट की। पुलिस से शिकायत करने पर घर में घुसकर आग लगाने की धमकी दी। उन्होंने यहां तक कहा कि आदमी से लेकर कुत्ते भी मार देंगे। छात्र ने अपनी जान का खतरा जताते हुए यह शिकायत की है।
साथ ही मेडिकल थानाध्यक्ष से रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद दीन दयाल हास्टल में रहने वाले गुट के छात्र हंगामा करते हुए कुलपति आफिस पहुंचे। वहां काफी देकर हंगामा किया। सूचना पर मौके पर पहुंचे चीफ वार्डन प्रो. दिनेश कुमार को पूरे मामले से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसके बाद सभी छात्र कुलपति आवास पर भी पहुंचे। वहां से वार्डन ने समझा बुझाकर हास्टल भेजा। उधर, घटना के बाद चीफ वार्डन प्रो. दिनेश कुमार व अन्य अधिकारी पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों की मीटिंग हुई।
घटना को लेकर विश्वविद्यालय-प्रशासन ने आरोपित छह छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन सभी से घटना को लेकर 27 जनवरी को सुबह 11 बजे तक तक जवाब देने के लिए कहा है।
वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से कोई शिकायत अथवा तहरीर नहीं दी गई है। चीफ प्राक्टर प्रो. बीर पाल सिंह का कहना है कि घटना की जांच के लिए समिति गठित की गई है। जांच में दोषी मिलने वाले छात्रों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश चीफ वार्डन को दिए गए हैं। |
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