LHC0088 • Yesterday 22:27 • views 383
भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार सैन्य अधिकारी की जमानत याचिका खारिज। प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार सैन्य अधिकारी की जमानत याचिका राउज एवेन्यू की विशेष अदालत ने खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश गगनदीप सिंह ने कहा कि लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा देश की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता से जुड़े कामों के लिए एक महत्वपूर्ण पद पर था और उनके खिलाफ आरोप काफी गंभीर थे। अदालत ने कहा कि जांच के शुरुआती चरण में आरोपित द्वारा जांच या गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है।
तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार
अदालत ने उक्त टिप्पणी करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी। दीपक कुमार शर्मा को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने दुबई की एक कंपनी से तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया है कि सैन्य अधिकारी रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में उप योजना अधिकारी (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और निर्यात) के रूप में एक महत्वपूर्ण पद पर थे। सीबीआई ने दीपक कुमार शर्मा और उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली के खिलाफ मामला दर्ज किया था। काजल बाली 16 इन्फैंट्री डिवीजन आर्डनेंस यूनिट गंगानगर, राजस्थान में तैनात हैं।
कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप
आरोप है कि दीपक कुमार शर्मा रक्षा उत्पादों के निर्माण, निर्यात आदि से संबंधित विभिन्न निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आपराधिक साजिशों में आदतन भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों में शामिल रहते थे। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि दीपक कुमार शर्मा ने कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले उनसे रिश्वत ली।
जांच एजेंसी ने कहा है कि दुबई स्थित एक कंपनी डीपी वल्र्ड से संभावित रिश्वत भुगतान के बारे में जानकारी मिली थी और इसके भारत में संचालन का प्रबंधन बेंगलुरु से राजीव यादव और रवजीत सिंह कर रहे थे। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि दोनों नियमित संपर्क में थे और एक साजिश के तहत विभिन्न सरकारी विभागों से अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए आरोपित से सहायता मांगी थी।
आपराधिक साजिश रची
अदालत में दाखिल अपने जवाब में सीबीआई ने दावा किया है कि दीपक कुमार शर्मा ने रक्षा निर्माण, लाजिस्टिक्स और निर्यात से जुड़ी निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर अपनी सरकारी पद का गलत इस्तेमाल करके अवैध रिश्वत के बदले अनुचित फायदे पहुंचाने के लिए आपराधिक साजिश रची थी।
10 लाख रुपये की नकदी बरामद
सीबीआई ने अदालत में कहा कि गोपनीय सूचना पर मामला दर्ज किया था और इसके बाद 18 दिसंबर 2025 को आरोपित के ठिकानों पर तलाशी ली गई। इनसे तीन लाख रुपये की रिश्वत की रकम बरामद हुई। इसके अलावा 2.23 करोड़ से ज्यादा की बेहिसाब नकदी, विदेशी मुद्रा और इलेक्ट्रानिक सामान भी बरामद किया गया था। वहीं, आरोपित की पत्नी काजल बाली के घर से 10 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई थी।
यह भी पढ़ें- गुलामी से गणतंत्र तक: हिंसा, बहस और उम्मीदों के बीच जन्मा भारतीय संविधान; बनी न्याय, सम्मान और स्वतंत्रता की गारंटी |
|