NH-120 का बलिया तक विस्तार अटका। (जागरण)
जागरण संवाददाता, बक्सर। बिहारशरीफ-डुमरांव राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-120) को जनेश्वर मिश्र सेतु होते हुए बलिया तक विस्तारित करने की बहुचर्चित योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है।
इस दिशा में पहले राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) डिवीजन की ओर से कार्ययोजना तैयार की गई थी और शुरुआती सर्वे भी कराया गया था।
बलिया से सांसद सनातन पांडेय के पत्र के जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया है कि बलिया से डुमरांव तक का हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के अंतर्गत नहीं आता है। ऐसे में इस खंड के विकास की कोई योजना केंद्रीय स्तर पर प्रस्तावित नहीं है।
एनएच-120 को डुमरांव से आगे बढ़ाकर पुराना भोजपुर, आशापड़री और नियाजीपुर होते हुए गंगा पर बने जनेश्वर मिश्र सेतु से जोड़ने की योजना पर एनएच डिवीजन में पहले से काम चल रहा है।
इससे बिहार के दक्षिणी हिस्से और पूर्वी उत्तर प्रदेश, विशेषकर बलिया, के बीच सीधी और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही थी।
एनएच डिवीजन द्वारा बीते दिनों कराए गए एक सर्वे को इसी दिशा में पहला कदम माना गया था। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा थी कि इस मार्ग के विकसित होने से आरा-बक्सर फोरलेन और बलिया क्षेत्र के बीच यातायात सुगम होगा, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और गंगा पार आवागमन का दबाव कम होगा।
ताजा रुख से बढ़ी असमंजस की स्थिति
केंद्रीय मंत्री के ताजा जवाब ने इन उम्मीदों पर फिलहाल विराम लगा दिया है। मंत्रालय के अनुसार जब तक बलिया-डुमरांव खंड को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित नहीं किया जाता, तब तक उसके निर्माण या उन्नयन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की नहीं बनती।
दिलचस्प यह है कि केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनएच 120 के विकास और विस्तार से जुड़ी कई योजनाओं को वर्ष 2024-25 की कार्ययोजना में शामिल कर लिया है। इसमें 15 किलोमीटर लंबे स्पर के निर्माण के लिए 110 करोड़ रुपए की योजना भी बतायी गयी थी।
यह हाइवे नालंदा जिले के बिहारशरीफ से शुरू होकर राजगीर, नवादा जिले के हिसुआ, गया जिले के वजीरगंज, गया, टेकारी, औरंगाबाद जिले के दाउदनगर, रोहतास जिले के नासरीगंज, बिक्रमगंज, मलियाबाग और बक्सर जिले के नावानगर से होते हुए डुमरांव तक जाता है। |
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