यूजीसी के कानून के खिलाफ गंगा के किनारे अनिश्चितकालीन धरने का किया था ऐलान। जागरण
संवाद सूत्र, नारसन। यूजीसी के नए कानून के विरोध में गंगा किनारे धरना देने जा रहे डासना धाम के महंत महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को पुलिस ने नारसन बार्डर पर रोक लिया। प्रदेश की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया और वापस लौटा दिया। इस दौरान उनके समर्थकों ने विरोध भी किया।
डासना मंदिर के महंत महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने यूजीसी के विरोध में हरिद्वार में गंगा के किनारे धरने का ऐलान किया था। रविवार को वह अपने समर्थकों के साथ हरिद्वार जा रहे थे। इस पर जैसे ही वह नारसन बार्डर पर पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने उनके वाहनों को रोक लिया। उन्होंने हरिद्वार जाने की मांग उठाई लेकिन हरिद्वार जाने नहीं दिया। इसको लेकर उनके समर्थकों एवं पुलिस के बीच नोकझोंक हुई।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से अंग्रेजों ने फूट डालकर इस देश में तीन सौ साल तक राज किया। उसी तरह से वर्तमान सरकार भी फूट डालकर राज करने का काम कर रही है। लगातार हिन्दुओं को बांटने का काम किया जा रहा है। यूजीसी का यह कानून हिन्दू समाज को तोड़ने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि इस काले कानून को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद वह यहां से लौट गए।
यह भी पढ़ें- विदेशी जाल से सावधान! यूजीसी ने देश भर के सभी विश्वविद्यालयों को किया सतर्क
यह भी पढ़ें- उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में ‘समता युग’ की शुरुआत, यूजीसी के नए विनियम लागू |
|