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जागरण संवाददाता, बरेली। हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर किसान की मौत मामले विभाग की ओर से दी गई आर्थिक सहायता में से 1.48 लाख रुपये हड़पने के मामले में बिजली विभाग के लिपिक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि आरोपित अधिवक्ता को विभागीय पैनल से बाहर करने की संस्तुति की गई है।
पांच दिन पहले विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में फरीदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सिमरा बोरीपुरी निवासी आकांक्षा ने डीएम अविनाश सिंह से शिकायत की कि हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ जाने से उनके पति नवनीत कुमार की मौत हो गई थी।
क्षतिपूर्ति के रूप में उन्हें 5.93 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन लिपिक और अधिवक्ता ने उससे 1.48 लाख रुपये ले लिए थे।
डीएम ने मुख्य अभियंता को तलब कर लिया गया था। इसके दो घंटे के भीतर पीड़िता को धनराशि वापस दिला दी गई थी। साथ ही अधीक्षण अभियंता ग्रामीण ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच शुरू करा दी गई थी।
जांच रिपोर्ट प्राप्त हो जाने पर शनिवार को मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने दोषी मिले कार्यकारी सहायक, बिजली वितरण खण्ड-बहेड़ी समीरउद्दीन को कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करने में घोर लापरवाही बरतने, सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 का उल्लंघन तथा उक्त कृत्य से विभाग की छवि धूमिल करने के आरोप में निलंबित कर अधिशासी अभियंता बिजली वितरण खंड आंवला कार्यालय से संबद्ध किया है।
साथ ही इस प्रकरण में अधिवक्ता शिव कुमार शर्मा के प्रथम दृष्टया दोषी प्रतीत होने एवं विभाग की छवि धूमिल करने के दृष्टिगत विभागीय पैनल की सेवा को समाप्त करने के लिए मुख्यालय को प्रबल संस्तुति करते हुए पत्र प्रेषित कर दिया गया है। |
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