दावोस में आयोजित बैठकों के दौरान मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को लेकर वैश्विक और राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद हुआ। इन चर्चाओं में नवीकरणीय ऊर्जा, औद्योगिक विकास, पर्यटन, मीडिया और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में संभावित साझेदारियों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला से विभिन्न संस्थानों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर राज्य की नीतियों, संसाधनों और निवेश माहौल को समझा।
बैठकों की श्रृंखला में Japan Bank for International Cooperation (JBIC) के प्रतिनिधियों के साथ मध्यप्रदेश में संभावित और चल रही परियोजनाओं पर चर्चा हुई। इसमें विनिर्माण क्षेत्र की नीतियों, येन-आधारित ऋण, सहयोगी टाई-अप और सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा के अवसरों पर बात हुई। राज्य की कृषि क्षमता, भूमि उपलब्धता और प्राकृतिक संसाधनों के आधार पर खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्यूटिकल, रसायन और वस्त्र उद्योगों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।
इसी क्रम में Reliance Industries Limited के अधिकारियों के साथ नवीकरणीय ऊर्जा में साझेदारी, खासकर चंबल अंचल में बायो-एनर्जी परियोजनाओं की व्यवहार्यता पर चर्चा हुई। पर्यटन क्षेत्र में ब्रांडिंग और वैश्विक पहुंच को लेकर JioStar के साथ वीडियो-ऑडियो डॉक्यूमेंटेशन के माध्यम से प्रदेश के स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया।
मीडिया और वैश्विक नीति संवाद के संदर्भ में Bloomberg Media की प्रबंध निदेशक सुनीता राजन के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत से जोड़ने के तरीकों पर चर्चा हुई। साथ ही, भारत में प्रस्तावित Bloomberg New Economy Forum में मध्यप्रदेश की भागीदारी की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
नवीकरणीय ऊर्जा के वित्तपोषण और क्रियान्वयन पर Indian Renewable Energy Development Agency (IREDA) के साथ सौर, पवन और बायो-एनर्जी परियोजनाओं में सहयोग, वित्तीय सहायता और भविष्य की दिशा पर संवाद हुआ। राज्य की नीतिगत व्यवस्था, भूमि उपलब्धता और निवेश माहौल को साझा करते हुए सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी।
आईटी और बीपीओ क्षेत्र में विस्तार को लेकर Tech Mahindra के साथ टियर-2 शहरों में संभावित निवेश, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने आधारभूत संरचना, जीवन गुणवत्ता और कुशल श्रमशक्ति को निवेश आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया।

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