मसूरी मार्ग में लगा जाम । जागरण
अंकुर अग्रवाल, जागरण देहरादून। साल की पहली बर्फबारी ने मसूरी में जहां पर्यटन को नई रफ्तार दी, वहीं देहरादून-मसूरी मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
शनिवार को हालात ऐसे रहे कि मात्र 35 किमी की दूरी तय करने में सैलानियों को साढ़े चार घंटे तक लग गए।
दून से किंक्रेग तक के 33 किमी का सफर में करीब ढाई घंटे समय लगा, जबकि किंक्रेग से मसूरी लाइब्रेरी चौक तक महज दो किमी पार करने में भी दो घंटे जाम से जूझना पड़ा।
बर्फ देखने उमड़े सैलानियों के कारण पूरे दिन जाम लगा रहा और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस-प्रशासन के तमाम प्रयास असफल साबित हुए।
पहाड़ों पर हुई ताजा बर्फबारी के बाद दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उप्र, हरियाणा और पंजाब से बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंचने लगे। ऊपर से वीकेंड का दबाव भी जुड़ गया।
नतीजा यह रहा कि शनिवार को दून-मसूरी मार्ग के किंक्रेग, जेपी बैंड, गांधी चौक और लाइब्रेरी क्षेत्र में कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। यातायात जाम में फंसे सैलानी झुंझलाते रहे, लेकिन यातायात सामान्य नहीं हो पाया।
किंक्रेग के आसपास हालात सबसे ज्यादा खराब रहे। मसूरी से ठीक पहले स्थित इस क्षेत्र में बर्फबारी के चलते पर्यटक रुक-रुक कर वाहन खड़े करते रहे, जिससे यातायात बार-बार थम गया।
पुलिस ने वन-वे और डायवर्जन की कोशिश की, लेकिन वाहनों की संख्या के आगे व्यवस्थाएं बेअसर रहीं।
कैंपटी-धनोल्टी मार्ग भी जाम
बर्फबारी का असर कैंपटी और धनोल्टी मार्ग पर भी दिखा। कैंपटी फाल जाने वाले पर्यटक और धनोल्टी-बुरांशखंडा की ओर बर्फ देखने जा रहे वाहनों से दोनों मार्गों पर कई घंटे तक जाम लगा रहा।
कई जगह वाहनों को रोकना पड़ा और सैलानियों को पैदल आगे बढ़ना पड़ा। शाम होते-होते लौटते वाहनों के कारण जाम देर रात तक बना रहा।
होटल फुल, पर सैलानी परेशान
बर्फबारी के चलते मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में होटलों में 80 से 90 प्रतिशत तक बुकिंग हो गई, लेकिन जाम के कारण सैलानियों का उत्साह फीका पड़ता नजर आया।
कई पर्यटक समय पर होटल नहीं पहुंच सके, तो कुछ को कमरे न मिलने पर मायूस होकर लौटना पड़ा। लौटते वक्त भी जाम ने परेशानी बढ़ाई।
दून शहर में भी असर
पर्यटन के दबाव का असर देहरादून शहर में भी दिखा। हरिद्वार मार्ग, रिस्पना पुल, अजबपुर फ्लाईओवर और जोगीवाला क्षेत्र में कई किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।
सामान्य दिनों में 10 मिनट में तय होने वाली दूरी एक से डेढ़ घंटे में पूरी हुई। यही नहीं, देहरादून-दिल्ली हाईवे पर आशारोड़ी, सहारनपुर रोड, आढ़त बाजार तक जाम लगा रहा।
बस सेवा भी जाम में फंसी
मसूरी के लिए चलने वाली परिवहन निगम की बसें भी जाम में फंसती रहीं। पर्वतीय बस अड्डे पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई बसें निर्धारित समय से तीन-चार घंटे देरी से मसूरी पहुंचीं।
बर्फबारी ने मसूरी में पर्यटकों की भारी आमद तो कराई, लेकिन यातायात प्रबंधन की कमजोर कड़ियां एक बार फिर उजागर हो गईं। अगर प्रशासन ने प्रभावी यातायात प्रबंधन नहीं किया, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
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