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डबल मर्डर केस का वांछित सहित भाऊ गैंग के दो कुख्यात इनामी के साथ मुठभेड़, गोली लगने के बाद गिरफ्तार

Chikheang Yesterday 21:27 views 466
  

भाऊ गैंग के दो कुख्यात इनामी के साथ मुठभेड़। प्रतीकात्मक फोटो



जागरण संवाददाता, रोहतक। महम क्षेत्र में वर्ष 2024 में हुए डबल मर्डर मामले में वांछित आरोपी विक्की उर्फ मोगली व उसके सहयोगी चंद्रभान की दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई, जिसमें विक्की गोली लगने के कारण घायल हो गया। पुलिस ने घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया, जबकि दूसरे आरोपी से पूछताछ जारी है।

दिल्ली और हरियाणा में लंबे समय से सक्रिय संगठित अपराध के नेटवर्क को करारा झटका देते हुए दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग से जुड़े दो कुख्यात अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विक्की उर्फ मोगली और चंदर भान के रूप में हुई है। दोनों आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और अवैध हथियारों के कई संगीन मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे थे। खास बात यह है कि मुख्य आरोपी विक्की उर्फ मोगली पर हरियाणा पुलिस द्वारा 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

यह कार्रवाई 23 जनवरी की रात को बाबा हरिदास नगर थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।

महम ब्लाक में अप्रैल 2024 के दौरान लोहारु निवासी वजीर कोर्ट में तारीख पर आया था। कोर्ट में पेशी के बाद वह भिवानी स्टैंड महम में खरीदारी करने लगा। जब वजीर वापस भिवानी जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था, तभी ताबड़तोड़ गोलियां चली।

बाइक सवार दो लोग वजीर को गोली मार दी थी। वहीं, बाइक पास एक दिल्ली नंबर की कार खड़ी थी, जिसमें चार से पांच लोग बैठे हुए थे। इस मामले में वजीर के भाई रामनिवास ने पुलिस में शिकायत देकर अंकित उर्फ गोधू के परिवार पर केस दर्ज करवाया था।

रामनिवास ने बताया कि उनके परिवार की अंकित के परिवार से रंजिश चल रही है। रामनिवास ने बताया कि अंकित उर्फ गोधू ने अपने परिवार व दोस्तों के साथ मिलकर उसके भाई वजीर की हत्या की। साथ ही गांव किशनगढ़ निवासी बबलू नंबरदार की भी गोलियां मारकर हत्या कर दी।

इस पूरे मामले में महम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं, पुलिस ने आरोपी विक्की पर 5 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था।
मुठभेड के बाद पैर में लगी गोली

22 जनवरी 2026 को क्राइम ब्रांच को विश्वसनीय और सटीक गुप्त सूचना प्राप्त हुई। एएसआई सुरेश कुमार को इनपुट मिला कि हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग के दो सक्रिय और खतरनाक सदस्य दिल्ली के पश्चिमी इलाके में मौजूद हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं।

सूचना में यह भी आशंका जताई गई कि गणतंत्र दिवस को देखते हुए इनकी गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। 22 और 23 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 1 बजे पुलिस टीम ने रणनीतिक योजना के तहत हिरण कूदना मोड से दिचाऊं गांव रोड पर यूईआर-2 फ्लाईओवर के नीचे नाकेबंदी की।

इसी दौरान एक सफेद हुंडई आई-20 कार को आते देखा गया।पुलिस की ओर से रुकने का इशारा करते ही कार सवार बदमाशों ने भागने की कोशिश की और खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।

आरोपी विक्की उर्फ मोगली ने पुलिस पार्टी पर दो राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली हेड कांस्टेबल संदीप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। एक गोली विक्की उर्फ मोगली के बाएं पैर में लगी, जिससे वह गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस टीम ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए दोनों आरोपियों को काबू कर लिया।
हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग का नेटवर्क

हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग उत्तर भारत के कुख्यात आपराधिक गिरोहों में से एक है। गैंग का सरगना हिमांशु भाऊ विदेश से आपरेट कर रहा है और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी के 20 से अधिक मामले दर्ज हैं।

यह गैंग व्यापारियों और ठेकेदारों को निशाना बनाकर रंगदारी वसूलने के लिए कुख्यात है और नीरज बवाना गैंग जैसे अन्य अपराधी गिरोहों से भी इसके संबंध रहे हैं।

पुलिस रिकार्ड के अनुसार, मोगली गैंग के लिए अवैध हथियारों की सप्लाई का भी काम करता था। दूसरा आरोपी चंदर भान, विक्की की संगत में आकर अपराध की दुनिया में आया। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकार्ड की भी गहन जांच कर रही है।
वारदात कब और क्या

▪ 14 नवंबर 2023 : थाना सांपला
आरोपी विक्की उर्फ मोगली पर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप।

▪ 31 जनवरी 2024 : थाना सांपला
आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित आशीष के घर में घुसकर गोली मार दी। गंभीर गोली लगने से आशीष की मौके पर ही मौत हो गई।

▪ 16 अप्रैल 2024 : थाना महम
साजिश के तहत की गई फायरिंग की घटना में वजीर और बबलू को गोली लगी। वजीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बबलू को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

▪ 27 जुलाई 2016 : थाना लाखनमाजरा
अवैध हथियार रखने के मामले में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज।

▪ 5 अगस्त 2017 : थाना लाइन पार, बहादुरगढ़
छेड़छाड़, घर में घुसपैठ और पोक्सो एक्ट से जुड़ा गंभीर मामला दर्ज।

▪ 21 अगस्त 2017 : थाना सदर बहादुरगढ़
मारपीट की वारदात में आरोपी की संलिप्तता पाई गई।
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