अबू धाबी में डोनेस्क मुद्दे पर सहमति बनाने की कोशिश (फोटो- एक्स)
रॉयटर, मॉस्को। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने गुरुवार को दावोस में यूक्रेन युद्ध समाप्ति को लेकर विश्वास से ओत-प्रोत बयान दिए थे। लेकिन 24 घंटे में ही स्थिति बदल गई। डोनेस्क प्रांत की बाकी बची अपनी 20 प्रतिशत जमीन से हटने को लेकर यूक्रेन अनिच्छा जता रहा है जबकि रूस लुहांस्क प्रांत के साथ पूरा डोनेस्क प्रांत भी चाहता है।
इसी मामले में सहमति बनाने के लिए यूएई की राजधानी अबूधाबी में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारियों की शुक्रवार को बैठक हो रही है। यह बैठक दो दिन चलेगी।
रूस ने करीब चार वर्षों के युद्ध में पूर्वी यूक्रेन के लगभग पूरे लुहांस्क प्रांत पर कब्जा कर लिया है। उसके पड़ोसी डोनेस्क प्रांत के भी 80 प्रतिशत हिस्से पर रूस ने कब्जा कर लिया है और बाकी हिस्से पर दोनों देशों के सैनिक लड़ रहे हैं।
युद्ध रोकने के लिए रूस ने डोनेस्क के बाकी बचे हिस्से से यूक्रेनी सेना को हटाने की शर्त रखी है। इसे लेकर पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है। इसी के चलते अमेरिका की मध्यस्थता वाली वार्ता परिणाम से दूर है।
इस बीच जेलेंस्की ने कहा है कि युद्ध रुकने के बाद यूक्रेन को मिलने वाली सुरक्षा गारंटी का मसौदा तैयार है, केवल उस पर राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर होने बाकी हैं। मतलब यह है कि युद्ध खत्म होने के बाद यूक्रेन को अमेरिका से सुरक्षा गारंटी मिलेगी लेकिन यूक्रेन में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। यह बिंदु इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस यूक्रेन में विदेशी सैनिकों की तैनाती का सख्त विरोधी है।
ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिका और यूरोप के बीच बनी दूरी युद्ध में फंसे यूक्रेन के लिए भी मुश्किल का सबब है। ट्रंप भी अमेरिका की ओर से यूक्रेन को मुफ्त में मदद देने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसे में यूक्रेन को लग रहा है कि रूस के साथ आगे की लड़ाई उसके लिए मुश्किल होगी।
ट्रंप की मध्यस्थता में जितना जल्द समझौता हो जाए-बेहतर है। इससे अमेरिका की सुरक्षा गारंटी भी मिल जाएगी। लेकिन डोनेस्क की अपनी जमीन छोड़ना यूक्रेन के लिए अभी भी मुश्किल निर्णय बना हुआ है।
जेलेंस्की ने कहा है कि शुक्रवार और शनिवार को तीनों देशों के अधिकारी अबूधाबी में बैठकर इस बारे में सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। यूक्रेन युद्ध के दौरान तीनों देशों के अधिकारी पहली बार साथ बैठकर चर्चा कर रहे हैं।
रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि डोनबास (लुहांस्क और डोनेस्क) पर रूस का नियंत्रण युद्ध समाप्ति की बहुत महत्वपूर्ण शर्त है। लेकिन दोनों देशों के बीच मौजूदा कब्जे वाले स्थानों को लेकर कुछ शर्तों के साथ सहमति बनने के भी संकेत मिल रहे हैं।
विदित हो कि फरवरी 2022 से जारी युद्ध में रूस ने लुहांस्क, डोनेस्क के साथ ही खेरसान और जपोरीजिया के हिस्सों पर भी कब्जा कर लिया है। इन चारों प्रांतों के हिस्सों में रूस ने जनमत संग्रह कराकर उन्हें राष्ट्रीय संघीय व्यवस्था में शामिल कर लेने की भी घोषणा की है। |
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