आरोपित कोच अंकुश भारद्वाज की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। राष्ट्रीय स्तर की 17 वर्षीय शूटर के साथ यौन शोषण के मामले में आरोपित कोच अंकुश भारद्वाज की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। कोच ने अपने वकील के माध्यम से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका लगाई थी।
मुकदमा दर्ज होने के 18 दिन बाद भी पुलिस आरोपित कोच को गिरफ्तार नहीं कर पाई है जबकि हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने पुलिस को 24 घंटे के अंदर आरोपित को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए थे। पुलिस दावा कर रही है कि आरोपित के दोनों मोबाइल बंद हैं और वह अपने घर पर नहीं है।
वहीं दूसरी तरफ वह जमानत याचिका लगा रहा है, इससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। कहीं पुलिस आरोपित को अपना बचाव करने का मौका तो नहीं दे रही। इस संबंध में महिला थाना एनआईटी प्रभारी माया का कहना है कि पुलिस अपनी पूरी कोशिश कर रही है। महिला थाने के अलावा क्राइम ब्रांच की भी सभी टीमें आरोपित की तलाश में जुटी हुई हैं। उसे जल्द काबू कर लिया जाएगा।
काॅमनवेल्थ यूथ गेम्स-2008 और हेनोवर में 2016 में इंटरनेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी और अब राष्ट्रीय शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर आरोप लगे हैं कि 17 वर्षीय एक शूटर को होटल में ले जाकर यौन शोषण किया। पीड़ित युवा शूटर भी राष्ट्रीय स्तर पर कई निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं।
शूटर साल 2017 से ट्रेनिंग ले रही है, पिछले साल कोच अंकुश भारद्वाज के साथ अंडर ट्रेनिंग शुरू की थी। शूटर 16 दिसंबर 2025 को डाॅ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में मैच में भाग लेने आई थी। इसके बाद वह घर जाने वाली थी कि कोच ने फोन करके सूरजकुंड के एक होटल में बुलाया था, जहां पर उसके साथ यौन शोषण हुआ था। इसी आरोप में मामला दर्ज है।
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