search

वसंत पंचमी पर शटल व्यवस्था फेल, परेशान हुए माघ मेला आने वाले यात्री, श्रद्धालुओं को पैदल ही जाना पड़ा संगम

deltin33 2026-1-23 18:27:06 views 753
  

प्रयागराज माघ मेला के प्रमुख स्नान पर्व वसंत पंचमी पर रोडवेज की शटल सेवा का लाभ पूरी तरह से श्रद्धालुओं को नहीं मिलने से परेशानी हुई।



जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माघ मेला के चौथे प्रमुख स्नान पर्व वसंत पंचमी पर शुक्रवार को सड़क मार्ग से लाखों लोग गठरी उठाए प्रयागराज शहर के बाहर तो पहुंच गए। हालांकि संगम तट जाने में उनकी अग्नि परीक्षा हुई। शहर के अंदर की यात्रा शटल बसों के जरिए होनी थी लेकिन, इन बसों को शहर के बाहर ही रोक दिया गया था। नतीजा कई किलोमीटर पैदल ही यात्री संगम की ओर चल कर पहुंचे।
नये यमुना व शास्त्री पुल पर शटल बसें नहीं चलीं

शुक्रवार सुबह ही सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का हवाला देकर प्रशासन ने नये यमुना पुल और शास्त्री पुल पर शटल बसों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। बसों के पहिए क्या थमे, संगम जाने वाली सड़कें पैदल यात्रियों की लंबी कतारों से भर गईं और निजी वाहन चालकों को उनसे वसूली का मौका मिल गया। छोटे वाहनों ने भी भीड़ देखकर मनमाना किराया वसूला और आठ-10 किमी की यात्रा के लिए 500 से 1,000 रुपये वसूले।
श्रद्धालुओं को हुई मायूसी

वसंत पर तड़के से ही शटल बसें बस अड्डे आ गई, श्रद्धालुओं की उम्मीद बनी की राह आसान होगी, लेकिन उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया गया। रेमंड नैनी से शहर की ओर आने वाली बसें काटन मिल या लेप्रोसी चौराहे से आगे नहीं बढ़ सकीं, वहीं पुरामफ्ती से त्रिवेणीपुरम का सफर तय करने वाली गाड़ियां भी सिविल लाइंस और मेडिकल चौराहे पर ही दम तोड़ गईं। इसके बाद का कई किलोमीटर लंबा सफर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी सामान के साथ पैदल ही तय करना पड़ा। गंगा और यमुना पार बने अस्थायी बस अड्डों तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए लोहे के चने चबाने जैसा था।
अधिक किराया देकर निजी वाहनों का लेना पड़ा सहारा

मजबूरी के इस दृश्य के बीच निजी वाहन चालकों ने श्रद्धालुओं की जेब पर जमकर डाका डाला। सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन से मेडिकल चौराहा या सिविल लाइंस तक पहुंचने के लिए आटो और ई-रिक्शा चालकों ने 500 से 1000 रुपये तक की मनमानी मांग की।
श्रद्धालुओं ने बयां किया दर्द

दिल्ली से आए श्रद्धालु आलोक शर्मा ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वह प्रयागराज एक्सप्रेस से सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन उतरे। वहां से मेला के लिए कोई वाहन ही नहीं मिल रहा था। फिर चुंगी तक के लिए आटो चालक ने 700 रुपये वसूल लिए। इसी तरह ग्वालियर की मीनाक्षी तोमर ने बताया कि फाफामऊ स्टेशन से उन्होंने एक ई-रिक्शा बुक किया तो मेला क्षेत्र जाने के लिए उसने 600 रुपये लिए। कटनी के रहने वाले सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परिवार के तीन लोग साथ में थे, जब बस नहीं मिली तो 550 रुपये में ई-रिक्शा बुक कर मेला क्षेत्र में पहुंचा।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक ने पल्ला झाड़ा

इस अव्यवस्था पर सफाई देते हुए रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यातायात प्रतिबंधों के कारण बसों को पुलों पर नहीं चलाया जा सका। उनके अनुसार बसें केवल लेप्रोसी, काटन मिल और मेडिकल चौराहे तक ही संचालित हुईं, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने यात्रा की।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477997