संवाद सहयोगी, वृंदावन। ठाकुर बांकेबिहारी के भक्त ने आराध्य की सेवा में अपनी भावना के अनुसार गर्भगृह की देहरी को चांदी से मंड़वाया है। करीब दस किलो वजन की चांदी की इस देहरी को लगाने में कारीगरों को साढ़े छह घंटे का समय लगा। इसके बाद वसंत पंचमी पर जब गर्भगृह के पट खुले तो गर्भगृह के दरवाजे पर चांदी की नई देहरी का दर्शन करने का लाभ भक्तों को मिला।
ठाकुर बांकेबिहारी की महिमा अपरंपार है तो उनके भक्त भी निराले हैं। अपने आराध्य की सेवा में तन, मन और धन से सेवा करने में हमेशा तत्पर रहते हैं। यही कारण है कि मंदिर उच्चाधिकार प्रबंधन समिति ने ठाकुरजी के गर्भगृह की देहरी पर चांदी की नई देहरी लगाने का निर्णय लिया।
इसबात की जानकारी मिलते ही मंदिर सेवायत के एक शिष्य ने आगे बढ़ते हुए दस किलोग्राम चांदी से नई देहरी तैयार करवाई। जो गुरुवार की रात 11 बजे से स्थापित करने के लिए कारीगरों ने काम शुरू किया।
मंदिर उच्चाधिकार प्रबंधन समिति सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया रात 11 बजे कारीगरों ने देहरी से पुरानी परतों को हटाने का काम शुरू किया। इन परतों को हटाने के दौरान बहुत गंदगी निकली। इसकी साफ सफाई करवाई गई। देहरी को दुरस्त करवाने के बाद चांदी की नई देहरी चढ़ाने का काम शुरू हुआ। सुबह करीब साढ़े पांच बजे ठाकुरजी के गर्भगृह पर चांदी की नई देहरी स्थापित हो सकी। |
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