शिमला में बर्फबारी-तूफान से पूरे शहर की बत्ती गुल (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, शिमला। शिमला में बर्फबारी और तेज तूफान के कारण कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग इलाकों से बिजली के तारों पर करीब 30 पेड़ गिरने के मामले सामने आए। इस घटना में लगभग 100 ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए, जिससे पूरे शहर में बत्ती गुल हो गई।
अचानक हुए ब्लैकआउट से शिमला शहर, आसपास के वार्डों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को दिनभर ठंड से जूझना पड़ा। बिजली गुल होने के कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। घरों में हीटर, गीजर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े रहे, वहीं शिमला शहर के कई सरकारी व निजी कार्यालयों में भी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ।
बिजली न होने से कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कई जगह कार्यालयों में काम ठप रहा। शिमला शहर सहित टूटू, बालूगंज, मज्याठ, संजौली, चौलाथी, इलियूजम, लक्कड़ बाजार, रिज, मालरोड, बस स्टैंड, भराड़ी, आकलैंड, छोटा शिमला, बीसीएस, सचिवालय, नाभा, ढली, मशोबरा, रजियाणा, कसुम्पटी, मल्याणा सहित अनेक क्षेत्रों में घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी अंधेरा छाया रहा।
हालांकि, इस भीषण ठंड और बर्फबारी के बीच हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के तकनीकी कर्मचारियों ने अपनी कार्यनिष्ठा और जज्बे से मिसाल कायम की। जेई, एसडीओ से लेकर एक्सईएन तक अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी बर्फबारी के दौरान फील्ड में डटे रहे। वहीं तकनीकी कर्मचारी बर्फीली हवाओं के बीच बिजली के पोलों पर चढ़कर लाइनों की मरम्मत और फॉल्ट ठीक करने में जुटे रहे।
शिमला सिटी के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बर्फबारी और तूफान के कारण बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से शहर व आसपास के क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित हुई है। कई ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। जहां संभव हो पा रहा है, वहां तकनीकी कर्मचारी बर्फबारी के बीच भी पोलों पर चढ़कर बिजली बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं। जिन स्थानों पर लाइनों पर पेड़ गिरे हैं, वहां वन विभाग की टीम की मदद से पेड़ों को हटाया जा रहा है और लाइनों को दोबारा जोड़ा जा रहा है। |