नई दिल्ली। ईरान में पिछले महीने जब्त किए गए कमर्शियल जहाज एमटी वैलेंट रोर पर सवार 16 भारतीय क्रू मेंबर्स की सुरक्षा और जल्द रिहाई के लिए भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है। भारतीय अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि ईरानी पक्ष पर लगातार दबाव बनाए रखा जा रहा है ताकि नाविकों को जल्दी से जल्दी कॉन्सुलर एक्सेस मिल सके और उनके हालात सुधारे जा सकें।
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि जहाज को 14 दिसंबर को हिरासत में लिया गया था। इस जानकारी के तुरंत बाद बंदर अब्बास में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने ईरानी अधिकारियों को पत्र लिखकर क्रू मेंबर्स को कॉन्सुलर एक्सेस देने की मांग की। यह अनुरोध कई बार दोहराया गया और राजदूत स्तर की व्यक्तिगत बैठकों में भी इस पर चर्चा हुई। दूतावास का कहना है कि मामला ईरान की न्यायिक प्रक्रिया के तहत आएगा, लेकिन भारत ने इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए लगातार दबाव बनाए रखा है।
भारतीय दूतावास ने ईरानी अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया कि फंसे हुए नाविकों को अपने परिवारों से संपर्क की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, जहाज की मालिक कंपनी, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित है, से भी 15 दिसंबर को संपर्क किया गया। दूतावास ने ईरान में कंपनी के एजेंटों से बात कर जहाज के लिए जरूरी खाद्य सामग्री, पानी और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करवाई। मिशन ने जनवरी की शुरुआत में ईरानी नौसेना की मदद से खाने और पानी की इमरजेंसी सप्लाई भी करवाई।
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास भी जहाज की मालिक कंपनी पर दबाव बना रहा है ताकि भारतीय नाविकों को कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जा सके। दूतावास का मानना है कि क्रू मेंबर्स की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय अधिकारियों की कोशिश है कि नाविक जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से भारत लौट सकें।

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