नई दिल्ली। केंद्रीय बजट पेश होने में बस कुछ दिनों का वक्त रह गया है। 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेगी। ये बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। हालांकि हमेशा से बजट सुबह पेश नहीं किया जाता था। इसका समय चेंज किया गया। लेकिन ऐसा क्यों हुआ और किसने बदला आइए जानते हैं।
किस वित्त मंत्री ने बदली परंपरा?
53 साल से केंद्रीय बजट शाम 5 बजे पेश किया जा रहा था। लेकिन साल 1999 में केंद्रीय वित्त मंंत्री यशवंत सिन्हा ने बजट सुबह 11 बजे पेश किया। उन्होंने सुबह बजट पेश कर 53 साल से चल रही परंपरा तोड़ दी। ये परंपरा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के अंतर्गत तोड़ी गई। लेकिन समय को बदला क्यों गया?
क्यों बदला 53 साल से चल रही परंपरा
दरअसल ब्रिटिश सरकार के समय शाम को बजट पेश किया जाता था। क्योंकि जब भारत में शाम के 5 बजे थे। तब लंदन में सुबह के 11 बज रहे होते थे। ये समय ब्रिटिश सरकार के कर्मचारियों को सहूलियत देने के लिए थी। लेकिन ब्रिटिश सरकार समाप्त होने के बाद भी इसे कई सालों तक अपनाया गया। फिर साल 1999 में जाकर ये परंपरा खत्म हुई।
फरवरी के अंत में होता था बजट पेश
साल 2017 तक केंद्रीय बजट पहले फरवरी के अंत में पेश किया जाता था। ये अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा था। लेकिन साल 2017 के बाद ये परंपरा समाप्त की गई। सरकार ने ये फैसला लिया कि अब से बजट फरवरी की शुरुआत यानी 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा।
क्या है 1 फरवरी को ही बजट पेश करने की वजह
दरअसल बजट में घोषित होने वाली कई चीजें अप्रैल से लागू होती है। फरवरी के अंत में बजट लाने से इसे लागू होने में समय ज्यादा लग रहा था। इसलिए बजट पेश करने की तारीख फरवरी के अंत से 1 फरवरी में शिफ्ट क गई। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को बजट पेश करने की निर्णय लिया। |
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